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परिवार नियोजन के लिए अंतरा के बाद अब छाया
Updated Sat, 06 Jan 2018 11:58 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। सूबे में केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय और प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने परिवार नियोजन के लिए अंतरा के बाद छाया योजना शुरू होगी। इन योजना के तहत दो सुविधाओं से परिवार नियोजन के लिए मिलेगी। बता दें कि अंतरा एक इंजेक्शन है और छाया गर्भ निरोधक गोली है। सूबे के स्वास्थ्य विभाग ने अंतरा सुविधा शुरू कर दी है, जबकि केंद्र सरकार स्वास्थ्य मंत्रालय छाया सुविधा को कुछ समय में शुरू करने वाला है। ये दोनों सुविधाएं पहले चरण में सिर्फ जोनल अस्पतालों और नागरिक अस्पतालों के मिलेंगी। इसके अलावा पीएचसी और सीएचसी स्तर पर आशा वर्कर लोगों को जरूरत के अनुसार प्रेग्नेंसी किटें बांट रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुरू की जा रही नई योजना से परिवारों को कॉपर-टी और अन्य गर्भ निरोधक दवाइयों के बार-बार सेवन से छुटकारा मिल जाएगा।
इनसेट
अंतरा योजना के लाभ
प्रदेश सरकार की अंतरा सुविधा के तहत महिला को इंजेक्शन लगाया जाता है। यदि कोई दंपत्ति परिवार नियोजन करना चाहता है और अपने दो बच्चों के बीच अपनी मर्जी के अनुसार अंतर रखना चाहता है, तो पत्नी को हर तीन माह के बाद अंतरा का इंजेक्शन लगाना होगा। इससे अनचाहे गर्भ से अगले तीन माह तक आजादी मिलेगी। इसके बाद यदि महिला गर्भ धारण करना चाहती है, तो उसे सात से 10 महीने यह इंजेक्शन लगाना बंद करना होगा। सात माह का समय बीत जाने के बाद महिला फिर से गर्भ धारण कर सकती है।
इनसेट
केंद्र सरकार छाया योजना
केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय की छाया एक गर्भ निरोधक गोली है। आमतौर पर महिलाओं को गर्भ निरोधक गोलियां लगातार खाते रहना पड़ता है, लेकिन छाया को शुरुआती तीन सप्ताह तक हफ्ते में दो बार खाना पड़ता है उसके बाद सप्ताह के केवल एक बार खाने में अनचाहा गर्भ नहीं ठहरता। बाद में यदि गर्भ धारण करना हो, तो दो सप्ताह के छाया गोली का सेवन बंद करके किया जा सकता है।
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कोट्स
-अंतरा और छाया की सुविधा जोनल व नागरिक अस्पतालों में ही मिलेगी। अंतरा सुविधा शुरू हो रही है, जबकि छाया गोली भी शीघ्र ही अस्पतालों में मिलने शुरू हो जाएगी।
-डॉ- राजेश गुलेरी जिला स्वास्थ्य अधिकारी
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धर्मशाला। सूबे में केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय और प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने परिवार नियोजन के लिए अंतरा के बाद छाया योजना शुरू होगी। इन योजना के तहत दो सुविधाओं से परिवार नियोजन के लिए मिलेगी। बता दें कि अंतरा एक इंजेक्शन है और छाया गर्भ निरोधक गोली है। सूबे के स्वास्थ्य विभाग ने अंतरा सुविधा शुरू कर दी है, जबकि केंद्र सरकार स्वास्थ्य मंत्रालय छाया सुविधा को कुछ समय में शुरू करने वाला है। ये दोनों सुविधाएं पहले चरण में सिर्फ जोनल अस्पतालों और नागरिक अस्पतालों के मिलेंगी। इसके अलावा पीएचसी और सीएचसी स्तर पर आशा वर्कर लोगों को जरूरत के अनुसार प्रेग्नेंसी किटें बांट रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुरू की जा रही नई योजना से परिवारों को कॉपर-टी और अन्य गर्भ निरोधक दवाइयों के बार-बार सेवन से छुटकारा मिल जाएगा।
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अंतरा योजना के लाभ
प्रदेश सरकार की अंतरा सुविधा के तहत महिला को इंजेक्शन लगाया जाता है। यदि कोई दंपत्ति परिवार नियोजन करना चाहता है और अपने दो बच्चों के बीच अपनी मर्जी के अनुसार अंतर रखना चाहता है, तो पत्नी को हर तीन माह के बाद अंतरा का इंजेक्शन लगाना होगा। इससे अनचाहे गर्भ से अगले तीन माह तक आजादी मिलेगी। इसके बाद यदि महिला गर्भ धारण करना चाहती है, तो उसे सात से 10 महीने यह इंजेक्शन लगाना बंद करना होगा। सात माह का समय बीत जाने के बाद महिला फिर से गर्भ धारण कर सकती है।
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केंद्र सरकार छाया योजना
केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय की छाया एक गर्भ निरोधक गोली है। आमतौर पर महिलाओं को गर्भ निरोधक गोलियां लगातार खाते रहना पड़ता है, लेकिन छाया को शुरुआती तीन सप्ताह तक हफ्ते में दो बार खाना पड़ता है उसके बाद सप्ताह के केवल एक बार खाने में अनचाहा गर्भ नहीं ठहरता। बाद में यदि गर्भ धारण करना हो, तो दो सप्ताह के छाया गोली का सेवन बंद करके किया जा सकता है।
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कोट्स
-अंतरा और छाया की सुविधा जोनल व नागरिक अस्पतालों में ही मिलेगी। अंतरा सुविधा शुरू हो रही है, जबकि छाया गोली भी शीघ्र ही अस्पतालों में मिलने शुरू हो जाएगी।
-डॉ- राजेश गुलेरी जिला स्वास्थ्य अधिकारी