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नई टावर कंपनी बनाने के निर्णय को वापस ले प्रबंधन
Updated Wed, 13 Dec 2017 11:43 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे बीएसएनएल अधिकारी और कर्मचारी दूसरे दिन भी काम पर नहीं लौटे। कर्मचारियों ने बुधवार को भी मांगों को लेकर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारी जनवरी 2017 से देय वेतनमान को जारी करने और निगम को विभाजित कर नई टावर कंपनी बनाने के निर्णय के विरोध में हड़ताल पर उतरे हैं।
देशभर में आयोजित इस दो दिवसीय हड़ताल में धर्मशाला में कर्मचारी संगठन बीएसएनएल कर्मचारी यूनियन, नेशनल टेलीकॉम फेडरेशन एसएनईए एआईबीएसएनएल और अन्य संगठन के सभी सदस्यों ने सहभागिता निभाई, जो अधिकारी और कर्मचारी पहले दिन हड़ताल पर नहीं थे वे भी दूसरे दिन हड़ताल में शामिल हो गए। कर्मचारियों और अधिकारियों ने चीलगाड़ी स्थित महाप्रबंधक कार्यालय में एकत्रित होकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। राजस्व जिला कांगड़ा और चंबा में स्थित बीएसएनएल की सभी सेवाएं स्थगित होने के कारण जनजीवन पर बुरा असर पड़ा है। चंबा में विशेष रूप से काम प्रभावित हुआ है । वहीं, एनएफटीई के प्रदेशाध्यक्ष सत्येंद्र गौतम ने बताया कि निगम का वेतनमान न देने का कारण निगम का घाटे में होना तर्कसंगत नहीं है, क्योंकि यह घाटा सेवाओं के निष्पादन में किसी कमी के कारण कोई परिचालन घाटा नहीं है अपितु यह घाटा परिसंपत्तियों के अवमूल्यन के कारण है। इसमें कर्मचारियों की कोई भूमिका नहीं है। इसी तरह जब 62 हजार टॉवर को बीएसएनएल के कर्मचारी अच्छे से संभाल रहे हैं तो अलग टावर कंपनी बनाने का भी कोई औचित्य नहीं । हड़ताल में एनएफटीई के जिला सचिव सत्येंन घई, वीरेंद्र कौशल, केवल कुमार, बीएसएनएलईयू के जिलाध्यक्ष रतनेश शर्मा, वीरेंद्र चौधरी, एसएनईए के संजीव दीवान, राजेश शर्मा, पंजू राम, रवि मनकोटिया, एआईबीएसएनएल के ओंकार भाटिया, सतिंद्र भराडिया आदि उपस्थित रहे।
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धर्मशाला। मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे बीएसएनएल अधिकारी और कर्मचारी दूसरे दिन भी काम पर नहीं लौटे। कर्मचारियों ने बुधवार को भी मांगों को लेकर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारी जनवरी 2017 से देय वेतनमान को जारी करने और निगम को विभाजित कर नई टावर कंपनी बनाने के निर्णय के विरोध में हड़ताल पर उतरे हैं।
देशभर में आयोजित इस दो दिवसीय हड़ताल में धर्मशाला में कर्मचारी संगठन बीएसएनएल कर्मचारी यूनियन, नेशनल टेलीकॉम फेडरेशन एसएनईए एआईबीएसएनएल और अन्य संगठन के सभी सदस्यों ने सहभागिता निभाई, जो अधिकारी और कर्मचारी पहले दिन हड़ताल पर नहीं थे वे भी दूसरे दिन हड़ताल में शामिल हो गए। कर्मचारियों और अधिकारियों ने चीलगाड़ी स्थित महाप्रबंधक कार्यालय में एकत्रित होकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। राजस्व जिला कांगड़ा और चंबा में स्थित बीएसएनएल की सभी सेवाएं स्थगित होने के कारण जनजीवन पर बुरा असर पड़ा है। चंबा में विशेष रूप से काम प्रभावित हुआ है । वहीं, एनएफटीई के प्रदेशाध्यक्ष सत्येंद्र गौतम ने बताया कि निगम का वेतनमान न देने का कारण निगम का घाटे में होना तर्कसंगत नहीं है, क्योंकि यह घाटा सेवाओं के निष्पादन में किसी कमी के कारण कोई परिचालन घाटा नहीं है अपितु यह घाटा परिसंपत्तियों के अवमूल्यन के कारण है। इसमें कर्मचारियों की कोई भूमिका नहीं है। इसी तरह जब 62 हजार टॉवर को बीएसएनएल के कर्मचारी अच्छे से संभाल रहे हैं तो अलग टावर कंपनी बनाने का भी कोई औचित्य नहीं । हड़ताल में एनएफटीई के जिला सचिव सत्येंन घई, वीरेंद्र कौशल, केवल कुमार, बीएसएनएलईयू के जिलाध्यक्ष रतनेश शर्मा, वीरेंद्र चौधरी, एसएनईए के संजीव दीवान, राजेश शर्मा, पंजू राम, रवि मनकोटिया, एआईबीएसएनएल के ओंकार भाटिया, सतिंद्र भराडिया आदि उपस्थित रहे।
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