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गांव में बुर्जियां लगाने पर सेना और लोगों में कहासुनी
Updated Wed, 24 Jan 2018 11:53 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
योल (कांगड़ा)। योल छावनी के जवानों और स्थानीय लोगों के बीच बुधवार को उस समय गहमागहमी हुई, जब जवान हथियारों से लैस होकर छावनी क्षेत्र योल के टीकावणी में बुर्जियां लगाने आए। इस बारे में स्थानीय लोगों ने जब सेना के जवानों से पूछताछ की तो उन्हें संतोषजनक उत्तर नहीं मिल पाया।
लोगों का आरोप है कि जवानों ने उनकी ओर बंदूकें तान कर उन्हें डराया। पूर्व प्रधान पवन चौधरी, अनीता चौधरी, प्यारा सिंह, ज्ञान, रवि, सुषमा, कुसुम, इस्रो सहित अन्यों लोग मौके पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सेना की इस कार्रवाई का विरोध किया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक तरफ सेना ने अपनी दीवार लगा रखी है। दीवार के साथ लोनिवि की बनाई पक्की सड़क है और सड़क किनारे से लोगों के घरों का रास्ता है। पूर्व प्रधान पवन चौधरी ने कहा कि सैन्य प्रशासन सिविल प्रशासन को बिना बताए ही अपनी मनमर्जी से बुर्जियां लगाने जा रहा है, जो सरासर गलत है। इस संबंध में स्थानीय लोगों ने प्रशासन ने हस्तक्षेप करने की भी मांग उठाई है।
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योल (कांगड़ा)। योल छावनी के जवानों और स्थानीय लोगों के बीच बुधवार को उस समय गहमागहमी हुई, जब जवान हथियारों से लैस होकर छावनी क्षेत्र योल के टीकावणी में बुर्जियां लगाने आए। इस बारे में स्थानीय लोगों ने जब सेना के जवानों से पूछताछ की तो उन्हें संतोषजनक उत्तर नहीं मिल पाया।
लोगों का आरोप है कि जवानों ने उनकी ओर बंदूकें तान कर उन्हें डराया। पूर्व प्रधान पवन चौधरी, अनीता चौधरी, प्यारा सिंह, ज्ञान, रवि, सुषमा, कुसुम, इस्रो सहित अन्यों लोग मौके पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सेना की इस कार्रवाई का विरोध किया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक तरफ सेना ने अपनी दीवार लगा रखी है। दीवार के साथ लोनिवि की बनाई पक्की सड़क है और सड़क किनारे से लोगों के घरों का रास्ता है। पूर्व प्रधान पवन चौधरी ने कहा कि सैन्य प्रशासन सिविल प्रशासन को बिना बताए ही अपनी मनमर्जी से बुर्जियां लगाने जा रहा है, जो सरासर गलत है। इस संबंध में स्थानीय लोगों ने प्रशासन ने हस्तक्षेप करने की भी मांग उठाई है।
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