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कांगड़ा में 10
Updated Wed, 08 Aug 2018 09:12 PM IST
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महिलाओं, बच्चों को नहीं मिली 108 और 102 एंबुलेंस सुविधा
कांगड़ा में कर्मचारियों की हड़ताल का दिखा असर
स्वास्थ्य विभाग ने एंबुलेंस के लिए अन्य स्टाफ तैनात किया
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। जोनल अस्पताल धर्मशाला के गायनी वार्ड से बुधवार को छह महिलाओं को प्रसव होने के बाद डिस्चार्ज किया गया। एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल के कारण इन महिलाओं को 102 की सुविधा नहीं मिल पाई। उन्हें निजी गाड़ी या टैक्सी कर घर पहुंचना पड़ा। इसके अलावा शिशु वार्ड से भी चार नवजात शिशुओं को छुट्टी हुई, लेकिन इन्हें भी 102 एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिल पाई, क्योंकि प्रसव के एक साल तक अगर कोई बच्चा बीमार होता है और अस्पताल में उसे दाखिल किया जाता है, तो उसे छुट्टी मिलने पर 102 एंबुलेंस में घर छोड़ने का प्रावधान है।
एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल के कारण महिलाओं और नवजातों को यह सुविधा नहीं मिल पाई। वहीं, इसके अलावा कांगड़ा जिला में 108 और 102 एंबुलेंस सेवा के अधिकतर कर्मचारी हड़ताल पर रहे। जिला के स्वास्थ्य संस्थानों में 108 एंबुलेंस 25 और 102 एंबुलेंस की संख्या 21 है। जिसमें 30 गाड़ियों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। धर्मशाला अस्पताल में भी सिर्फ एक ही एंबुलेंस कर्मी ने सेवाएं दी। इस कारण स्वास्थ्य विभाग को अन्य चालकों और स्टाफ को एंबुलेंस पर तैनात करना पड़ा। उधर, 108 एंबुलेंस सेवा के जिला प्रभारी विकास कुमार ने कहा कि कांगड़ा जिला में कुछ कर्मचारी हड़ताल पर हैं। जिन गाड़ियों के लिए अतिरिक्ति स्टाफ तैनात हैं, वे गाड़ियां मरीजों को लाने के लिए ऑनकॉल भेजी गई हैं। वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. आरएस राणा ने कहा कि जहां के एंबुलेंस कर्मचारी हड़ताल पर हैं, वहां अन्य स्टाफ का एंबुलेंस में तैनात किया गया है, ताकि लोगों को सुविधा मिल सके।
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कांगड़ा में कर्मचारियों की हड़ताल का दिखा असर
स्वास्थ्य विभाग ने एंबुलेंस के लिए अन्य स्टाफ तैनात किया
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। जोनल अस्पताल धर्मशाला के गायनी वार्ड से बुधवार को छह महिलाओं को प्रसव होने के बाद डिस्चार्ज किया गया। एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल के कारण इन महिलाओं को 102 की सुविधा नहीं मिल पाई। उन्हें निजी गाड़ी या टैक्सी कर घर पहुंचना पड़ा। इसके अलावा शिशु वार्ड से भी चार नवजात शिशुओं को छुट्टी हुई, लेकिन इन्हें भी 102 एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिल पाई, क्योंकि प्रसव के एक साल तक अगर कोई बच्चा बीमार होता है और अस्पताल में उसे दाखिल किया जाता है, तो उसे छुट्टी मिलने पर 102 एंबुलेंस में घर छोड़ने का प्रावधान है।
एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल के कारण महिलाओं और नवजातों को यह सुविधा नहीं मिल पाई। वहीं, इसके अलावा कांगड़ा जिला में 108 और 102 एंबुलेंस सेवा के अधिकतर कर्मचारी हड़ताल पर रहे। जिला के स्वास्थ्य संस्थानों में 108 एंबुलेंस 25 और 102 एंबुलेंस की संख्या 21 है। जिसमें 30 गाड़ियों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। धर्मशाला अस्पताल में भी सिर्फ एक ही एंबुलेंस कर्मी ने सेवाएं दी। इस कारण स्वास्थ्य विभाग को अन्य चालकों और स्टाफ को एंबुलेंस पर तैनात करना पड़ा। उधर, 108 एंबुलेंस सेवा के जिला प्रभारी विकास कुमार ने कहा कि कांगड़ा जिला में कुछ कर्मचारी हड़ताल पर हैं। जिन गाड़ियों के लिए अतिरिक्ति स्टाफ तैनात हैं, वे गाड़ियां मरीजों को लाने के लिए ऑनकॉल भेजी गई हैं। वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. आरएस राणा ने कहा कि जहां के एंबुलेंस कर्मचारी हड़ताल पर हैं, वहां अन्य स्टाफ का एंबुलेंस में तैनात किया गया है, ताकि लोगों को सुविधा मिल सके।
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