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स्वास्थ्य मंत्री परमार को बनाया कांगड़ा संसदीय सीट का पालक
Updated Sat, 21 Jul 2018 12:06 AM IST
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स्वास्थ्य मंत्री को बनाया कांगड़ा संसदीय सीट का पालक
लोकसभा चुनाव में जीत का सौंपा जिम्मा
मुख्यमंत्री के साथ शांता और नड्डा के भी हैं करीबी
पालमपुर (कांगड़ा)। आने वाले लोकसभा चुनाव में कांगड़ा संसदीय सीट को मजबूती देने के लिए स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह को इस सीट का भाजपा की ओर से पालक बनाया गया है। परमार इस सीट के प्रभारी भी हैं। उनकी बतौर पालक की नियुक्ति कर पार्टी ने आने वाले लोस चुनाव में उनपर जीत का जिम्मा सौंप दिया है।
सूत्रों की मानें तो विपिन सिंह परमार 2014 में कांगड़ा संसदीय सीट के प्रभारी रहे थे। इस पर भाजपा प्रत्याशी शांता कुमार को करीब एक लाख 70 हजार की लीड मिली थी, जो प्रदेश में सबसे अधिक थी। लिहाजा, पार्टी ने स्वास्थ्य मंत्री परमार संगठन के अनुभव को देखते हुए उन्हें पालक पद प नियुक्त किया है। पूर्व में भाजपा के प्रदेश महामंत्री रहे विपिन परमार को संगठन पर मजबूत पकड़ वाला माना जाता रहा है। यही कारण था कि इस बार प्रदेश के करीब हर विस क्षेत्र में भाजपा के दो या तीन कार्यकर्ता चुनाव लड़ने की जिद पर अड़े थे। इससे प्रदेश भाजपा को भी इन्हें मनाने में काफी वक्त लगा था। लेकिन, सुलह विस क्षेत्र में विपिन सिंह परमार के अलावा किसी दूसरे कार्यकर्ता ने चुनाव लड़ने की बात तक नहीं की थी। इसका कारण विपिन परमार की संगठन पर पकड़ मजबूत होना ही बताया गया था। अब पार्टी की ओर से स्वास्थ्य मंत्री के साथ कांगड़ा संसदीय सीट का पालक बनाकर लोस चुनाव की जीत का उन पर भी भरोसा जताया है। इस समय सरकार में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के अलावा परमार भाजपा के वरिष्ठ नेता शांता कुमार और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के भी करीबी हैं। लिहाजा, उन्हें कांगड़ा सीट का जिम्मा सौंपा गया है।
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लोकसभा चुनाव में जीत का सौंपा जिम्मा
मुख्यमंत्री के साथ शांता और नड्डा के भी हैं करीबी
पालमपुर (कांगड़ा)। आने वाले लोकसभा चुनाव में कांगड़ा संसदीय सीट को मजबूती देने के लिए स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह को इस सीट का भाजपा की ओर से पालक बनाया गया है। परमार इस सीट के प्रभारी भी हैं। उनकी बतौर पालक की नियुक्ति कर पार्टी ने आने वाले लोस चुनाव में उनपर जीत का जिम्मा सौंप दिया है।
सूत्रों की मानें तो विपिन सिंह परमार 2014 में कांगड़ा संसदीय सीट के प्रभारी रहे थे। इस पर भाजपा प्रत्याशी शांता कुमार को करीब एक लाख 70 हजार की लीड मिली थी, जो प्रदेश में सबसे अधिक थी। लिहाजा, पार्टी ने स्वास्थ्य मंत्री परमार संगठन के अनुभव को देखते हुए उन्हें पालक पद प नियुक्त किया है। पूर्व में भाजपा के प्रदेश महामंत्री रहे विपिन परमार को संगठन पर मजबूत पकड़ वाला माना जाता रहा है। यही कारण था कि इस बार प्रदेश के करीब हर विस क्षेत्र में भाजपा के दो या तीन कार्यकर्ता चुनाव लड़ने की जिद पर अड़े थे। इससे प्रदेश भाजपा को भी इन्हें मनाने में काफी वक्त लगा था। लेकिन, सुलह विस क्षेत्र में विपिन सिंह परमार के अलावा किसी दूसरे कार्यकर्ता ने चुनाव लड़ने की बात तक नहीं की थी। इसका कारण विपिन परमार की संगठन पर पकड़ मजबूत होना ही बताया गया था। अब पार्टी की ओर से स्वास्थ्य मंत्री के साथ कांगड़ा संसदीय सीट का पालक बनाकर लोस चुनाव की जीत का उन पर भी भरोसा जताया है। इस समय सरकार में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के अलावा परमार भाजपा के वरिष्ठ नेता शांता कुमार और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के भी करीबी हैं। लिहाजा, उन्हें कांगड़ा सीट का जिम्मा सौंपा गया है।
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