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देश और विदेश के लोग अब खिचड़ी का ले सकेंगे मजा
Updated Wed, 08 Nov 2017 11:18 PM IST
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विनोद राणा
पालमपुर(कांगड़ा)।
खिचड़ी को लेकर सीएसआईआर-हिमालय जैव संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान पालमपुर और दिल्ली की मैसर्ज डेक्सटर रिटेल एंड डिस्ट्रीब्यूटर कंपनी के बीच समझौता हुआ है। इसके तहत आईएचबीटी पालमपुर कंपनी को खिचड़ी उत्पाद के निर्माण प्रक्रिया की तकनीकी विशेषज्ञता को हस्तांतरित करेगा। इस समझौते के तहत खिचड़ी रेडी टू इट होगी। सबसे बड़ी बात ये है कि ये खिचड़ी बिना किसी रसायन के बनेगी।
मैसर्ज डेक्सटर रिटेल एंड डिस्ट्रीब्यूटर प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली का राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मार्किटिंग नेटवर्क है। ये नई तकनीक से बनी खिचड़ी को देश के मेट्रो शहरों और विदेशी बाजारों में उतारेगी। खिचड़ी एक पारंपरिक आयुर्वेदिक आहार है। इसका चरक संहिता में आहार द्रव्य के रूप में उल्लेख है।
सीएसआईआर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आरके सूद का कहना है कि यह आहार कई प्रकार के रोग परिस्थितियों या सुरक्षात्मक आहार या पाचन प्रक्रिया के लिए पौष्टिक खाद्य के लिए संस्तुत किया जाता है। परंपरागत आयुर्वेदिक ग्रंथों में कई प्रकार की खिचड़ियों का उल्लेख है। यह खिचड़ी उत्पाद रेडी-टू-इट के रूप में उपलब्ध होगी। इनमें किसी प्रकार का रसायनिक प्रिजरवेटिव नहीं होगा। खिचड़ी उत्पाद की बाजार में व्यापक संभावनाएं हैं।
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पालमपुर(कांगड़ा)।
खिचड़ी को लेकर सीएसआईआर-हिमालय जैव संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान पालमपुर और दिल्ली की मैसर्ज डेक्सटर रिटेल एंड डिस्ट्रीब्यूटर कंपनी के बीच समझौता हुआ है। इसके तहत आईएचबीटी पालमपुर कंपनी को खिचड़ी उत्पाद के निर्माण प्रक्रिया की तकनीकी विशेषज्ञता को हस्तांतरित करेगा। इस समझौते के तहत खिचड़ी रेडी टू इट होगी। सबसे बड़ी बात ये है कि ये खिचड़ी बिना किसी रसायन के बनेगी।
मैसर्ज डेक्सटर रिटेल एंड डिस्ट्रीब्यूटर प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली का राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मार्किटिंग नेटवर्क है। ये नई तकनीक से बनी खिचड़ी को देश के मेट्रो शहरों और विदेशी बाजारों में उतारेगी। खिचड़ी एक पारंपरिक आयुर्वेदिक आहार है। इसका चरक संहिता में आहार द्रव्य के रूप में उल्लेख है।
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सीएसआईआर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आरके सूद का कहना है कि यह आहार कई प्रकार के रोग परिस्थितियों या सुरक्षात्मक आहार या पाचन प्रक्रिया के लिए पौष्टिक खाद्य के लिए संस्तुत किया जाता है। परंपरागत आयुर्वेदिक ग्रंथों में कई प्रकार की खिचड़ियों का उल्लेख है। यह खिचड़ी उत्पाद रेडी-टू-इट के रूप में उपलब्ध होगी। इनमें किसी प्रकार का रसायनिक प्रिजरवेटिव नहीं होगा। खिचड़ी उत्पाद की बाजार में व्यापक संभावनाएं हैं।
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