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नौनिहालों के पौष्टिक आहार की जांच राम भरोसे
Updated Tue, 21 Nov 2017 11:38 PM IST
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रितेश महाजन
नूरपुर (कांगड़ा)। आंगनबाड़ी केंद्रों में शिशुओं और महिलाओं को उचित पोषक तत्वों वाले आहार की जांच राम भरोसे चल रही हैं। हालत यह है कि अधिकतर आंगनबाड़ी केंद्र पर्यवेक्षकों के पद रिक्त पड़े हुए हैं। इससे अकेले नूरपुर, इंदौरा, फतेहपुर और जवाली उपमंडल (नगरोटा सूरियां) में चल रहे कुल 1268 आंगनबाड़ी केंद्रों का उचित निरीक्षण नहीं हो पा रहा है।
उपमंडल नूरपुर के तहत सीडीपीओ कार्यालय नूरपुर में 349 और इंदौरा में 314 आंगनबाड़ी केंद्र आते हैं। इनमें आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण के लिए स्थापित किए गए 30 वृत्तों में 24 आंगनबाड़ी पर्यवेक्षकों के पद रिक्त चल रहे हैं। सीडीपीओ कार्यालय नूरपुर में स्वीकृत 15 में से 11 पर्यवेक्षकों के पद रिक्त पड़े हैं, तो इंदौरा में पर्यवेक्षकों के 15 स्वीकृत पदों में 13 रिक्त हैं। ऐसा ही कुछ हाल जवाली उपमंडल के नगरोटा सूरियां ब्लॉक में पड़ने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों का है। सीडीपीओ कार्यालय फतेहपुर में 278 और सीडीपीओ कार्यालय नगरोटा सूरियां में 327 आंगनबाड़ी केंद्र आते है। इन सभी केंद्रों पर नजर रखने के लिए कुल 26 पर्यवेक्षकों के पद स्वीकृत हैं। लेकिन, वर्तमान में सिर्फ नगरोटा सूरियां में ही 13 में से सिर्फ 5 पदों पर ही पर्यवेक्षक तैनात हैं। शेष आठ पर्यवेक्षकों के पद काफी समय से रिक्त पड़े हैं।
फतेहपुर सीडीपीओ कार्यालय के तहत सभी 13 में से 10 पर्यवेक्षकों के पद रिक्त चल रहे हैं। यानी उपमंडल नूरपुर, इंदौरा, जवाली और फतेहपुर में आंगनबाड़ी पर्यवेक्षकों के कुल 56 स्वीकृत पदों में से 42 पद खाली पड़े हैं। ऐसे में आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित निरीक्षण एवं प्रबंधन के अलावा घरेलू हिंसा रोकने और विभागीय योजनाओं के बारे लोगों को जागरूक करने में खासी परेशानी हो रही है। ऊपर से पुलिस महकमे की ओर से घरेलू हिंसा के मामलों को महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी को रेफर करने की प्रक्रिया से उनका काम भी काफी बढ़ गया है। एकीकृत बाल विकास योजना को जमीनी स्तर पर सफल बनाने का पूरा जिम्मा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों के कंधों पर रहता है, लेकिन इनकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए आंगनबाड़ी पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाते हैं। पर्यवेक्षकों के अधिकांश पद रिक्त होने के चलते हर आंगनबाड़ी केंद्र पर नजर रखने के लिए सीडीपीओ कार्यालय को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उधर, जिला कार्यक्रम अधिकारी तिलक आचार्य ने बताया कि लोक सेवा आयोग की ओर से पर्यवेक्षकों के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया चल रही है। इसके तहत कुछ जगहों पर पर्यवेक्षकों के पद भरे भी गए हैं। लेकिन, प्रदेश में चुनाव आचार संहिता के चलते फिलहाल पर्यवेक्षकों की भर्ती प्रक्रिया अटकी हुई है।
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बौस
इन ब्लॉकों में रिक्त पद
ब्लाक आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत पद रिक्त पद
नूरपुर 349 15 11
इंदौरा 314 15 13
फतेहपुर 278 13 10
नगरोटा सूरियां 327 13 08
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नूरपुर (कांगड़ा)। आंगनबाड़ी केंद्रों में शिशुओं और महिलाओं को उचित पोषक तत्वों वाले आहार की जांच राम भरोसे चल रही हैं। हालत यह है कि अधिकतर आंगनबाड़ी केंद्र पर्यवेक्षकों के पद रिक्त पड़े हुए हैं। इससे अकेले नूरपुर, इंदौरा, फतेहपुर और जवाली उपमंडल (नगरोटा सूरियां) में चल रहे कुल 1268 आंगनबाड़ी केंद्रों का उचित निरीक्षण नहीं हो पा रहा है।
उपमंडल नूरपुर के तहत सीडीपीओ कार्यालय नूरपुर में 349 और इंदौरा में 314 आंगनबाड़ी केंद्र आते हैं। इनमें आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण के लिए स्थापित किए गए 30 वृत्तों में 24 आंगनबाड़ी पर्यवेक्षकों के पद रिक्त चल रहे हैं। सीडीपीओ कार्यालय नूरपुर में स्वीकृत 15 में से 11 पर्यवेक्षकों के पद रिक्त पड़े हैं, तो इंदौरा में पर्यवेक्षकों के 15 स्वीकृत पदों में 13 रिक्त हैं। ऐसा ही कुछ हाल जवाली उपमंडल के नगरोटा सूरियां ब्लॉक में पड़ने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों का है। सीडीपीओ कार्यालय फतेहपुर में 278 और सीडीपीओ कार्यालय नगरोटा सूरियां में 327 आंगनबाड़ी केंद्र आते है। इन सभी केंद्रों पर नजर रखने के लिए कुल 26 पर्यवेक्षकों के पद स्वीकृत हैं। लेकिन, वर्तमान में सिर्फ नगरोटा सूरियां में ही 13 में से सिर्फ 5 पदों पर ही पर्यवेक्षक तैनात हैं। शेष आठ पर्यवेक्षकों के पद काफी समय से रिक्त पड़े हैं।
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फतेहपुर सीडीपीओ कार्यालय के तहत सभी 13 में से 10 पर्यवेक्षकों के पद रिक्त चल रहे हैं। यानी उपमंडल नूरपुर, इंदौरा, जवाली और फतेहपुर में आंगनबाड़ी पर्यवेक्षकों के कुल 56 स्वीकृत पदों में से 42 पद खाली पड़े हैं। ऐसे में आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित निरीक्षण एवं प्रबंधन के अलावा घरेलू हिंसा रोकने और विभागीय योजनाओं के बारे लोगों को जागरूक करने में खासी परेशानी हो रही है। ऊपर से पुलिस महकमे की ओर से घरेलू हिंसा के मामलों को महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी को रेफर करने की प्रक्रिया से उनका काम भी काफी बढ़ गया है। एकीकृत बाल विकास योजना को जमीनी स्तर पर सफल बनाने का पूरा जिम्मा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों के कंधों पर रहता है, लेकिन इनकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए आंगनबाड़ी पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाते हैं। पर्यवेक्षकों के अधिकांश पद रिक्त होने के चलते हर आंगनबाड़ी केंद्र पर नजर रखने के लिए सीडीपीओ कार्यालय को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उधर, जिला कार्यक्रम अधिकारी तिलक आचार्य ने बताया कि लोक सेवा आयोग की ओर से पर्यवेक्षकों के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया चल रही है। इसके तहत कुछ जगहों पर पर्यवेक्षकों के पद भरे भी गए हैं। लेकिन, प्रदेश में चुनाव आचार संहिता के चलते फिलहाल पर्यवेक्षकों की भर्ती प्रक्रिया अटकी हुई है।
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इन ब्लॉकों में रिक्त पद
ब्लाक आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत पद रिक्त पद
नूरपुर 349 15 11
इंदौरा 314 15 13
फतेहपुर 278 13 10
नगरोटा सूरियां 327 13 08