{"_id":"5a0b29b34f1c1bf4688bb3b0","slug":"31510681011-kangra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"टीका नगरोटा स्कूल में नींबू चम्मच दौड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टीका नगरोटा स्कूल में नींबू चम्मच दौड़
Updated Tue, 14 Nov 2017 11:06 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
जसूर (कांगड़ा)। बाल दिवस के मौके पर आयुर्वेद विभाग ने राजकीय उच्च विद्यालय टीका नगरोटा में जिला स्तरीय बाल आयुष मेले का आयोजन किया। इसमें जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. सुनीत पठानिया ने विशेष रूप से शिरकत की। इस दौरान स्कूल के बच्चों में विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं करवाई गईं। इनमें प्रश्नोत्तरी, भाषण, पेंटिंग, नींबू चम्मच दौड़ आदि प्रतियोगिताएं शामिल रहीं। इस मौके पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर रहने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया गया। स्कूल में आयुर्वेदिक औषधीय पौधों की प्रदर्शनी भी लगाई गई और बच्चों को औषधीय पौधों के फायदे भी बताए गए। इस मौके पर डॉ. कुलतार धीमान, पंचायत प्रधान सुगंधा महाजन, उपमंडलीय आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. अनिल गर्ग, आयुर्वेद अधिकारी डॉ. अनिल गर्ग, डॉ. प्रेम, डॉक्टर सोनिया, डॉ. रेनू आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर सौ से अधिक बच्चे मेले में मौजूद रहे।
विज्ञापन
जसूर (कांगड़ा)। बाल दिवस के मौके पर आयुर्वेद विभाग ने राजकीय उच्च विद्यालय टीका नगरोटा में जिला स्तरीय बाल आयुष मेले का आयोजन किया। इसमें जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. सुनीत पठानिया ने विशेष रूप से शिरकत की। इस दौरान स्कूल के बच्चों में विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं करवाई गईं। इनमें प्रश्नोत्तरी, भाषण, पेंटिंग, नींबू चम्मच दौड़ आदि प्रतियोगिताएं शामिल रहीं। इस मौके पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर रहने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया गया। स्कूल में आयुर्वेदिक औषधीय पौधों की प्रदर्शनी भी लगाई गई और बच्चों को औषधीय पौधों के फायदे भी बताए गए। इस मौके पर डॉ. कुलतार धीमान, पंचायत प्रधान सुगंधा महाजन, उपमंडलीय आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. अनिल गर्ग, आयुर्वेद अधिकारी डॉ. अनिल गर्ग, डॉ. प्रेम, डॉक्टर सोनिया, डॉ. रेनू आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर सौ से अधिक बच्चे मेले में मौजूद रहे।