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Kangra News: ठियोग से पद यात्रा कर ज्वालाजी पहुंचे मां के 25 भक्त
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ज्वालामुखी (कांगड़ा)। माता ज्वालामुखी की अखंड आस्था को समर्पित एक और भावपूर्ण पद यात्रा आज ज्वालाजी धाम पहुंची। ठियोग तहसील के सरोग गांव से निकला 25 श्रद्धालुओं का जत्था कई दिन की कठिन पदयात्रा के बाद मंगलवार को सायं ज्वालाजी पहुंचा और गुप्त नवरात्र के पावन अवसर पर माता के चरणों में शीश नवाया। यह पद यात्रा 15 जनवरी को भीमा काली मंदिर, सरोग से विधिवत पूजा-अर्चना के साथ प्रारंभ हुई थी। यात्रा कुलदीप वर्मा की अगुवाई में चल रही है। यात्रा के संबंध में सलाहकार किशन वर्मा ने बताया कि यह यात्रा केवल पैरों की नहीं, बल्कि श्रद्धा, संकल्प और साधना की यात्रा है। इससे पूर्व यह जत्था लगातार तीन वर्षों तक नैना देवी की पद यात्रा कर चुका है और बीते दो वर्षों से ज्वालाजी माता और चिंतपूर्णी माता के दर्शन के लिए परंपरा निभा रहा है।
किशन वर्मा ने बताया कि पद यात्रा का मुख्य उद्देश्य हिमाचल की शक्तिपीठों में माता के दर्शन कर जीवन को पावन बनाना और समाज में भक्ति व एकता का संदेश देना है। सरोग गांव के लिए माता कुल देवी हैं, इसी कारण गांववासियों की माता के प्रति गहरी आस्था और भावनात्मक जुड़ाव है। गांव के श्रद्धालु पिछले 15 वर्षों से बाबा बालक नाथ की भी नियमित पद यात्रा करते आ रहे हैं और बीते पांच वर्षों से शक्तिपीठों की पद यात्रा की परंपरा निरंतर चल रही है।
ज्वालाजी मंदिर पहुंचते ही श्रद्धालुओं ने माता ज्वाला के जयकारों के साथ मंदिर परिसर को भक्तिमय बना दिया। गुप्त नवरात्र के दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना कर माता की चुनरी, नारियल व अन्य भेंटें अर्पित कीं। मंदिर अधिकारी मनोहर लाल शर्मा ने श्रद्धालुओं के दर्शन की विशेष व्यवस्था करवाई और माता की चुनरी भेंट कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया।
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किशन वर्मा ने बताया कि पद यात्रा का मुख्य उद्देश्य हिमाचल की शक्तिपीठों में माता के दर्शन कर जीवन को पावन बनाना और समाज में भक्ति व एकता का संदेश देना है। सरोग गांव के लिए माता कुल देवी हैं, इसी कारण गांववासियों की माता के प्रति गहरी आस्था और भावनात्मक जुड़ाव है। गांव के श्रद्धालु पिछले 15 वर्षों से बाबा बालक नाथ की भी नियमित पद यात्रा करते आ रहे हैं और बीते पांच वर्षों से शक्तिपीठों की पद यात्रा की परंपरा निरंतर चल रही है।
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ज्वालाजी मंदिर पहुंचते ही श्रद्धालुओं ने माता ज्वाला के जयकारों के साथ मंदिर परिसर को भक्तिमय बना दिया। गुप्त नवरात्र के दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना कर माता की चुनरी, नारियल व अन्य भेंटें अर्पित कीं। मंदिर अधिकारी मनोहर लाल शर्मा ने श्रद्धालुओं के दर्शन की विशेष व्यवस्था करवाई और माता की चुनरी भेंट कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया।
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