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चामुंडा में नवरात्रों में पहुंचे कम श्रद्घालु
Updated Fri, 23 Mar 2018 11:52 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चामुंडा (कांगड़ा)। चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में 18 से 25 मार्च तक चलने वाले चैत्र नवरात्र में छठे नवरात्र तक मंदिर में श्रद्धालुओं के कम संख्या में पहुंचने से स्थानीय व्यापारियों के चेहरे मुर्झा गए हैं। क्योंकि दुकानदार नवरात्र के लिए विशेष प्रबंध करते हैं। इसके तहत विशेष और अधिक मात्रा में सामान दुकान में भरा जाता है। वहीं, नवरात्र के दिन स्थानीय दुकानदारों के लिए सीजन की तरह होते हैं, जिसमें श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से दुकानों में व्यापार भी अधिक होता है, लेकिन इस बार नवरात्र में श्रद्धालुओं की भी संख्या कम रही। इससे दुकानदारों का काम प्रभावित हुआ है। वहीं दुकानदारों ने नवरात्र से पहले दुकानों के अंदर जाने वाले रास्ते से रेलिंग हटाने की मांग उठाई थी, जिसे प्रशासन ने पूरा नहीं किया है। इससे श्रद्धालु शॉपिंग कांप्लेक्स में नहीं जा पा रहे हैं।
अष्टमी पर 24 घंटे खुले रहेंगे मंदिर के कपाट
अष्टमी के लिए मंदिर प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। अष्टमी की रात को मां चामुंडा का पुराना सिंदूर निकालकर नया सिंदूर अर्पित किया जाएगा। चामुंडा मां का नशीत पूजन कर मां को देसी घी से बने 108 प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया जाएगा। इसे प्रसाद के रूप में भक्तों को वितरित किया जाएगा। अष्टमी के दिन श्रद्धालुओं के दर्शनों को मंदिर को 24 घंटे खुला रखा जाएगा। वहीं, हिमाचल शास्त्रीय संगीत परिषद शास्त्रीय संगीत का कार्यक्रम आयोजित करेगी। इसमें बाहरी राज्यों से भी कलाकार आकर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। मंदिर अधिकारी गिरजेश चौहान ने बताया कि रविवार को नौवीं के दिन ठीक 12 बजे पूर्णाहुति डालकर नवरात्रों का समापन किया जाएगा।
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चामुंडा (कांगड़ा)। चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में 18 से 25 मार्च तक चलने वाले चैत्र नवरात्र में छठे नवरात्र तक मंदिर में श्रद्धालुओं के कम संख्या में पहुंचने से स्थानीय व्यापारियों के चेहरे मुर्झा गए हैं। क्योंकि दुकानदार नवरात्र के लिए विशेष प्रबंध करते हैं। इसके तहत विशेष और अधिक मात्रा में सामान दुकान में भरा जाता है। वहीं, नवरात्र के दिन स्थानीय दुकानदारों के लिए सीजन की तरह होते हैं, जिसमें श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से दुकानों में व्यापार भी अधिक होता है, लेकिन इस बार नवरात्र में श्रद्धालुओं की भी संख्या कम रही। इससे दुकानदारों का काम प्रभावित हुआ है। वहीं दुकानदारों ने नवरात्र से पहले दुकानों के अंदर जाने वाले रास्ते से रेलिंग हटाने की मांग उठाई थी, जिसे प्रशासन ने पूरा नहीं किया है। इससे श्रद्धालु शॉपिंग कांप्लेक्स में नहीं जा पा रहे हैं।
अष्टमी पर 24 घंटे खुले रहेंगे मंदिर के कपाट
अष्टमी के लिए मंदिर प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। अष्टमी की रात को मां चामुंडा का पुराना सिंदूर निकालकर नया सिंदूर अर्पित किया जाएगा। चामुंडा मां का नशीत पूजन कर मां को देसी घी से बने 108 प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया जाएगा। इसे प्रसाद के रूप में भक्तों को वितरित किया जाएगा। अष्टमी के दिन श्रद्धालुओं के दर्शनों को मंदिर को 24 घंटे खुला रखा जाएगा। वहीं, हिमाचल शास्त्रीय संगीत परिषद शास्त्रीय संगीत का कार्यक्रम आयोजित करेगी। इसमें बाहरी राज्यों से भी कलाकार आकर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। मंदिर अधिकारी गिरजेश चौहान ने बताया कि रविवार को नौवीं के दिन ठीक 12 बजे पूर्णाहुति डालकर नवरात्रों का समापन किया जाएगा।
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