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डलिवरी के पैसे मिले या नहीं, पूछकर खाते से उड़ाए 2100 रुपए
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राजा का तालाब (कांगड़ा)। उपमंडल फतेहपुर के कस्बा राजा का तालाब की ग्राम पंचायत चकवाड़ी के वार्ड छह का युवा शिक्षक साइबर ठगी का शिकार हो गया है। शातिरों ने उन्हें झांसे में लेकर उनके खाते से 2100 रुपये उड़ा लिए।
धोखाधड़ी के शिकार अध्यापक अरविंद कुमार पुत्र हंस राज के अनुसार उनकी पत्नी अलका रानी के मोबाइल पर एक अंजान व्यक्ति का फोन आया। व्यक्ति ने खुद को सरकारी डॉक्टर बताया। कहा कि उनके परिवार में 4 अप्रैल 2019 को बेटे का जन्म हुआ था। इस पर सरकार की ओर से दी जाने वाली पांच हजार की धनराशि मिल चुकी है या नहीं। अरविंद ने इनकार किया तो शातिर ने एक महिला को क्षेत्र की आशा वर्कर बताते हुए लाइन पर लेकर डांटा कि आपने अभी तक पांच हजार की राशि लाभार्थी परिवार को क्यों नहीं दिलवाई।
जालसाज ने कहा कोई बात नहीं आप अपने बैंक का अकाउंट नंबर दें। अरविंद कुमार व अलका रानी ने खाता नंबर देने से इनकार किया। इस पर अज्ञात ने कहा कि आप घबराएं नहीं। क्षेत्र के 15-20 लोगों के पहले भी अकाउंट नंबर लेकर उनके खाते में सरकार की ओर से दी जाने वाली सहायता राशि भेजी जा रही है। बातों बातों में शातिर ने दंपती को उसने विश्वास में ले लिया। शातिर ने बताया कि आपके मोबाइल पर अभी ओटीपी आएगा। आप उसमें अपने एटीएम का कोड डाल दें। मुझे साझा न करें। शातिर के फोन काटने पर अरविंद कुमार को शंका हुई। सुबह जब वह बैंक गए तो उनके पीएनबी अकाउंट से कुल 2100 रुपये निकालकर शातिर ने खाता साफ कर दिया था। जबकि कोआपरेटिव बैंक का खाता जिसमें रकम ज्यादा थी, सुरक्षित है। अरविंद के अनुसार गूगल पर को-आपरेटिव बैंक की जानकारी नहीं होने से उनके इस बैंक के खाते से शातिर पैसे नहीं निकाल पाया।
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धोखाधड़ी के शिकार अध्यापक अरविंद कुमार पुत्र हंस राज के अनुसार उनकी पत्नी अलका रानी के मोबाइल पर एक अंजान व्यक्ति का फोन आया। व्यक्ति ने खुद को सरकारी डॉक्टर बताया। कहा कि उनके परिवार में 4 अप्रैल 2019 को बेटे का जन्म हुआ था। इस पर सरकार की ओर से दी जाने वाली पांच हजार की धनराशि मिल चुकी है या नहीं। अरविंद ने इनकार किया तो शातिर ने एक महिला को क्षेत्र की आशा वर्कर बताते हुए लाइन पर लेकर डांटा कि आपने अभी तक पांच हजार की राशि लाभार्थी परिवार को क्यों नहीं दिलवाई।
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जालसाज ने कहा कोई बात नहीं आप अपने बैंक का अकाउंट नंबर दें। अरविंद कुमार व अलका रानी ने खाता नंबर देने से इनकार किया। इस पर अज्ञात ने कहा कि आप घबराएं नहीं। क्षेत्र के 15-20 लोगों के पहले भी अकाउंट नंबर लेकर उनके खाते में सरकार की ओर से दी जाने वाली सहायता राशि भेजी जा रही है। बातों बातों में शातिर ने दंपती को उसने विश्वास में ले लिया। शातिर ने बताया कि आपके मोबाइल पर अभी ओटीपी आएगा। आप उसमें अपने एटीएम का कोड डाल दें। मुझे साझा न करें। शातिर के फोन काटने पर अरविंद कुमार को शंका हुई। सुबह जब वह बैंक गए तो उनके पीएनबी अकाउंट से कुल 2100 रुपये निकालकर शातिर ने खाता साफ कर दिया था। जबकि कोआपरेटिव बैंक का खाता जिसमें रकम ज्यादा थी, सुरक्षित है। अरविंद के अनुसार गूगल पर को-आपरेटिव बैंक की जानकारी नहीं होने से उनके इस बैंक के खाते से शातिर पैसे नहीं निकाल पाया।
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