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मनोनीत पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार
Updated Thu, 03 May 2018 12:25 AM IST
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नहीं आए कांग्रेस समर्थित महापौर, उपमहापौर
समारोह का बारह पार्षदों ने भी किया बहिष्कार
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। नगर निगम धर्मशाला को बने अभी दो साल हुए हैं लेकिन यहां विकास कार्य कम राजनीति ज्यादा देखने को मिल रही है। बुधवार को मनोनीत पांच पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह का कांग्रेस समर्थित महापौर, उपमहापौर और 12 पार्षदों ने बहिष्कार किया। शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस समर्थित पार्षदों में एक भी पार्षद नहीं पहुंचा। समारोह में सिर्फ भाजपा समर्थित तीन पार्षदों ने शिरकत की। समारोह में खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री किशन कपूर भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान महापौर, उपमहापौर और पार्षदों का नदारद रहना चर्चा का विषय बना रहा।
एक दिन पहले बदला स्थान
मनोनीत पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह का स्थान प्रदेश सरकार की अधिसूचना के मुताबिक नगर निगम धर्मशाला कार्यालय का मीटिंग हॉल था। इसमें सिर्फ 30 लोग ही बढ़ी मुश्किल से बैठ सकते हैं। इसलिए शपथ ग्रहण समारोह का स्थान मीटिंग हॉल से बदलकर नगर निगम के सामुदायिक भवन में रखा गया। नगर निगम धर्मशाला की महापौर रजनी ब्यास ने कहा कि उन्हें मनोनीत पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह की जो सूचना मिली थी, उसमें स्थान एमसी कार्यालय का मीटिंग हॉल था। जहां शपथ समारोह नहीं हुआ है। स्थान बदलने के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली थी।
नगर निगम धर्मशाला आयुक्त राखिल काहलो ने कहा कि शपथ समारोह में स्थान मंगलवार को बदला गया है। मीटिगं हॉल छोटा होने के कारण अंतिम समय में बदला है। इसके बारे में महापौर, उपमहापौर समेत सभी पार्षदों को फोन के माध्यम से सूचना दे दी थी।
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खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री किशन कपूर ने कहा कि कांग्रेस पार्षदों, महापौर व उपमहापौर ने मनोनीत पार्षदों का नहीं, बल्कि धर्मशाला की जनता का बहिष्कार किया है। दो साल में एमसी में कोई विकास कार्य नहीं हुआ है, जिसका जवाब आगामी लोकसभा चुनावों में जनता देगी। नगर निगम में अनुभवी लोगों को मनोनीत करके भेजा गया है, जो कांग्रेस को रास नहीं आ रहा है।
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समारोह का बारह पार्षदों ने भी किया बहिष्कार
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। नगर निगम धर्मशाला को बने अभी दो साल हुए हैं लेकिन यहां विकास कार्य कम राजनीति ज्यादा देखने को मिल रही है। बुधवार को मनोनीत पांच पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह का कांग्रेस समर्थित महापौर, उपमहापौर और 12 पार्षदों ने बहिष्कार किया। शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस समर्थित पार्षदों में एक भी पार्षद नहीं पहुंचा। समारोह में सिर्फ भाजपा समर्थित तीन पार्षदों ने शिरकत की। समारोह में खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री किशन कपूर भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान महापौर, उपमहापौर और पार्षदों का नदारद रहना चर्चा का विषय बना रहा।
एक दिन पहले बदला स्थान
मनोनीत पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह का स्थान प्रदेश सरकार की अधिसूचना के मुताबिक नगर निगम धर्मशाला कार्यालय का मीटिंग हॉल था। इसमें सिर्फ 30 लोग ही बढ़ी मुश्किल से बैठ सकते हैं। इसलिए शपथ ग्रहण समारोह का स्थान मीटिंग हॉल से बदलकर नगर निगम के सामुदायिक भवन में रखा गया। नगर निगम धर्मशाला की महापौर रजनी ब्यास ने कहा कि उन्हें मनोनीत पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह की जो सूचना मिली थी, उसमें स्थान एमसी कार्यालय का मीटिंग हॉल था। जहां शपथ समारोह नहीं हुआ है। स्थान बदलने के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली थी।
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नगर निगम धर्मशाला आयुक्त राखिल काहलो ने कहा कि शपथ समारोह में स्थान मंगलवार को बदला गया है। मीटिगं हॉल छोटा होने के कारण अंतिम समय में बदला है। इसके बारे में महापौर, उपमहापौर समेत सभी पार्षदों को फोन के माध्यम से सूचना दे दी थी।
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खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री किशन कपूर ने कहा कि कांग्रेस पार्षदों, महापौर व उपमहापौर ने मनोनीत पार्षदों का नहीं, बल्कि धर्मशाला की जनता का बहिष्कार किया है। दो साल में एमसी में कोई विकास कार्य नहीं हुआ है, जिसका जवाब आगामी लोकसभा चुनावों में जनता देगी। नगर निगम में अनुभवी लोगों को मनोनीत करके भेजा गया है, जो कांग्रेस को रास नहीं आ रहा है।