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सिर्फ तूड़ी के सहारे खज्जियां गौसदन के 290 मवेशी
Updated Tue, 17 Jul 2018 11:45 PM IST
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जसूर(कांगड़ा)। नूरपुर उपमंडल के खज्जियां के गोसदन में दर्जनों गायों के मरने के बाद भी प्रशासन कोई सबक नहीं ले रहा है। पिछले ढाई महीने में गौसदन में 21 गाय मर चुकी हैं। बावजूद इसके प्रशासन और सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं।
गोसदन में अव्यवस्था होने के कारण गोवंश की देखरेख नहीं हो रही है। अधिकतर मवेशी कमजोर और पर्याप्त पौष्टिक आहार न मिलने के कारण मर रहे हैं। वर्तमान समय में गौसदन में लगभग 290 मवेशी हैं। जब भी गौसदन में मवेशी मरने का मामला उठता है, तो अगले दिन प्रशासन दिखावे के लिए कुछ लोगों को सफाई करने के लिए गोसदन भेज देता है। उसके बाद फिर स्थिति जस की तस हो जाती है। उधर, पशुपालन विभाग कांगड़ा के उपनिदेशक डा. अजमेर डोगरा व पशु चिकित्सा अधिकारी डा. दिनेश परमार ने गोसदन का दौरा किया। उन्होंने कहा कि गोसदन में मवेशियों को सिर्फ तूड़ी मिल रही है। जिसे पशु धीरे-धीरे कम खाना कर देता है और बाद में मर जाता है। मवेशियों को तूड़ी के अलावा कोई पौष्टिक चारा नहीं मिल रहा है, जिसके कारण मौत का ग्रास बन रहे हैं।
इनसेट
खज्जियां गौसदन का संचालन पशुपालन विभाग करता है। गौसदन में एक चिकित्सक, दो फार्मासिस्ट और दो चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी तैनात है।
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गोसदन में अव्यवस्था होने के कारण गोवंश की देखरेख नहीं हो रही है। अधिकतर मवेशी कमजोर और पर्याप्त पौष्टिक आहार न मिलने के कारण मर रहे हैं। वर्तमान समय में गौसदन में लगभग 290 मवेशी हैं। जब भी गौसदन में मवेशी मरने का मामला उठता है, तो अगले दिन प्रशासन दिखावे के लिए कुछ लोगों को सफाई करने के लिए गोसदन भेज देता है। उसके बाद फिर स्थिति जस की तस हो जाती है। उधर, पशुपालन विभाग कांगड़ा के उपनिदेशक डा. अजमेर डोगरा व पशु चिकित्सा अधिकारी डा. दिनेश परमार ने गोसदन का दौरा किया। उन्होंने कहा कि गोसदन में मवेशियों को सिर्फ तूड़ी मिल रही है। जिसे पशु धीरे-धीरे कम खाना कर देता है और बाद में मर जाता है। मवेशियों को तूड़ी के अलावा कोई पौष्टिक चारा नहीं मिल रहा है, जिसके कारण मौत का ग्रास बन रहे हैं।
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खज्जियां गौसदन का संचालन पशुपालन विभाग करता है। गौसदन में एक चिकित्सक, दो फार्मासिस्ट और दो चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी तैनात है।