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मंत्री-महापौर के वार्ड में नहीं खर्च होंगे स्मार्ट सिटी के पैसे
Updated Sun, 20 May 2018 11:08 PM IST
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मंत्री-महापौर के वार्ड में नहीं खर्च होंगे स्मार्ट सिटी के पैसे
स्मार्ट सिटी परियोजना के दायरे में नहीं आते एमसी के कुछ वार्ड
शहर के विकास के लिए खर्च होने हैं 2100 करोड़ रुपये
पुराने नगर परिषद, रामनगर, श्यामनगर तक सिमटी परियोजना
हरीश चंद्र
धर्मशाला। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री किशन कपूर और नगर निगम धर्मशाला के महापौर रजनी ब्यास के वार्ड में स्मार्ट सिटी परियोजना का एक रुपये भी खर्च नहीं होगा। स्मार्ट सिटी परियोजना के दायरे में मंत्री और महापौर के वार्ड नहीं आते हैं। इस कारण इन वार्डों में स्मार्ट सिटी परियोजना के 2100 करोड़ रुपये में से कोई राशि खर्च नहीं होगी।
महापौर स्मार्ट सिटी परियोजना के बीओडी में निदेशक होने के बावजूद अपने वार्ड में परियोजना की कोई राशि व्यय नहीं कर पाएंगी। स्मार्ट सिटी परियोजना में नगर निगम धर्मशाला के सात वार्ड नहीं आते हैं। पुराने नगर परिषद धर्मशाला के क्षेत्र के अलावा रामनगर, श्यामनगर और सकोह वार्ड का कुछ हिस्सा लिया गया है, जो स्मार्ट सिटी के दायरे में आते हैं। बता दें कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत धर्मशाला में 2100 करोड़ रुपये खर्च होना प्रस्तावित है। इसमें से 29.73 करोड़ रुपये जलापूर्ति पर ही खर्च होंगे। इसके अलावा शहर में स्मार्ट सड़कें, स्मार्ट फुटपाथ, लगभग 35 बिजली से चलने वाले बसें दौड़ेंगी। इसके अलावा अत्याधुनिक पार्किंग, वर्षा आश्रालय आदि का निर्माण होना प्रस्तावित हैं। नगर निगम धर्मशाला की महापौर रजनी ब्यास ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना में पुरानी नगर परिषद के अलावा साथ लगते क्षेत्रों को जोड़ा गया है। इस कारण परियोजना की राशि भी इसी दायरे में खर्च होगी।
इन वार्डों को नहीं मिलेगा लाभ
स्मार्ट सिटी परियोजना का नगर निगम धर्मशाला के वार्ड नंबर एक फरसेटगंज, वार्ड नंबर आठ खेल परिसर के दस फीसदी हिस्से, वार्ड नंबर नौ सकोह, वार्ड नंबर-12 बड़ोल, वार्ड नंबर-13 दाड़ी, वार्ड नंबर-14 कंड, वार्ड नंबर-15 खनियारा, वार्ड नंबर-16 सिद्धपुर और वार्ड नंबर-17 सिद्धवाड़ी में कोई पैसा खर्च नहीं होना है। यह क्षेत्र नगर निगम बनने के बाद एमसी में जुड़े हैं।
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स्मार्ट सिटी परियोजना के दायरे में नहीं आते एमसी के कुछ वार्ड
शहर के विकास के लिए खर्च होने हैं 2100 करोड़ रुपये
पुराने नगर परिषद, रामनगर, श्यामनगर तक सिमटी परियोजना
हरीश चंद्र
धर्मशाला। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री किशन कपूर और नगर निगम धर्मशाला के महापौर रजनी ब्यास के वार्ड में स्मार्ट सिटी परियोजना का एक रुपये भी खर्च नहीं होगा। स्मार्ट सिटी परियोजना के दायरे में मंत्री और महापौर के वार्ड नहीं आते हैं। इस कारण इन वार्डों में स्मार्ट सिटी परियोजना के 2100 करोड़ रुपये में से कोई राशि खर्च नहीं होगी।
महापौर स्मार्ट सिटी परियोजना के बीओडी में निदेशक होने के बावजूद अपने वार्ड में परियोजना की कोई राशि व्यय नहीं कर पाएंगी। स्मार्ट सिटी परियोजना में नगर निगम धर्मशाला के सात वार्ड नहीं आते हैं। पुराने नगर परिषद धर्मशाला के क्षेत्र के अलावा रामनगर, श्यामनगर और सकोह वार्ड का कुछ हिस्सा लिया गया है, जो स्मार्ट सिटी के दायरे में आते हैं। बता दें कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत धर्मशाला में 2100 करोड़ रुपये खर्च होना प्रस्तावित है। इसमें से 29.73 करोड़ रुपये जलापूर्ति पर ही खर्च होंगे। इसके अलावा शहर में स्मार्ट सड़कें, स्मार्ट फुटपाथ, लगभग 35 बिजली से चलने वाले बसें दौड़ेंगी। इसके अलावा अत्याधुनिक पार्किंग, वर्षा आश्रालय आदि का निर्माण होना प्रस्तावित हैं। नगर निगम धर्मशाला की महापौर रजनी ब्यास ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना में पुरानी नगर परिषद के अलावा साथ लगते क्षेत्रों को जोड़ा गया है। इस कारण परियोजना की राशि भी इसी दायरे में खर्च होगी।
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इन वार्डों को नहीं मिलेगा लाभ
स्मार्ट सिटी परियोजना का नगर निगम धर्मशाला के वार्ड नंबर एक फरसेटगंज, वार्ड नंबर आठ खेल परिसर के दस फीसदी हिस्से, वार्ड नंबर नौ सकोह, वार्ड नंबर-12 बड़ोल, वार्ड नंबर-13 दाड़ी, वार्ड नंबर-14 कंड, वार्ड नंबर-15 खनियारा, वार्ड नंबर-16 सिद्धपुर और वार्ड नंबर-17 सिद्धवाड़ी में कोई पैसा खर्च नहीं होना है। यह क्षेत्र नगर निगम बनने के बाद एमसी में जुड़े हैं।
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