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पांच घायल बच्चों को अस्पताल से छुट्टी
Updated Tue, 17 Apr 2018 12:29 AM IST
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चेली हादसे के पांच घायल बच्चों को छुट्टी
पठानकोट में दो बच्चे अंडर ऑब्जर्वेशन में
नूरपुर (कांगड़ा)। नागरिक अस्पताल नूरपुर में उपचाराधीन चेली स्कूल बस हादसे में घायल तीन बच्चों को छुट्टी दे दी गई, जबकि पठानकोट के अमनदीप अस्पताल में भर्ती सात में से दो बच्चों को भी छुट्टी मिल गई हैं। अब पठानकोट के अमनदीप अस्पताल में अभी भी पांच बच्चों का इलाज चल रहा है। इनमें से दो बच्चों को आईसीयू में अंडर ऑब्जर्वेशन में रखा गया है जबकि तीन बच्चों को वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। बस हादसे में गंभीर रूप से घायल चार बच्चों को नूरपुर सिविल अस्पताल और सात बच्चों को पठानकोट के अमनदीप अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया था। इनमें नूरपुर अस्पताल में उपचाराधीन एक बच्चे को नूरपुर से पठानकोट शिफ्ट किया गया था, जिसकी दो बहनों का हादसे के बाद पहले से ही पठानकोट में इलाज चल रहा था। इसके चलते नूरपुर अस्पताल में तीन और पठानकोट में आठ बच्चे उपचाराधीन चल रहे थे। रविवार को इन आठ घायल बच्चों में से नितिश पठानिया ने छह दिन लंबी जद्दोजहद के बाद दम तोड़ दिया। जानकारी के मुताबिक पठानकोट के अमनदीप अस्पताल में उपचाराधीन पांचों बच्चों की हालत पहले से बेहतर बताई जा रही है और आईसीयू से बाहर वार्ड (रूम) में शिफ्ट किए गए बच्चों को भी तीन-चार दिन के भीतर छुट्टी मिल सकती है। उधर, नूरपुर सिविल अस्पताल के प्रभारी डॉ. एसके महाजन ने नूरपुर अस्पताल में भर्ती बच्चों को डिस्चार्ज करने की पुष्टि करते हुए बताया कि अस्पताल प्रशासन की ओर से तीनों बच्चों को घरों तक पहुंचाया गया और एक बच्चे को पांच दिन बाद दोबारा चेकअप के लिए बुलाया गया है।
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पठानकोट में दो बच्चे अंडर ऑब्जर्वेशन में
नूरपुर (कांगड़ा)। नागरिक अस्पताल नूरपुर में उपचाराधीन चेली स्कूल बस हादसे में घायल तीन बच्चों को छुट्टी दे दी गई, जबकि पठानकोट के अमनदीप अस्पताल में भर्ती सात में से दो बच्चों को भी छुट्टी मिल गई हैं। अब पठानकोट के अमनदीप अस्पताल में अभी भी पांच बच्चों का इलाज चल रहा है। इनमें से दो बच्चों को आईसीयू में अंडर ऑब्जर्वेशन में रखा गया है जबकि तीन बच्चों को वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। बस हादसे में गंभीर रूप से घायल चार बच्चों को नूरपुर सिविल अस्पताल और सात बच्चों को पठानकोट के अमनदीप अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया था। इनमें नूरपुर अस्पताल में उपचाराधीन एक बच्चे को नूरपुर से पठानकोट शिफ्ट किया गया था, जिसकी दो बहनों का हादसे के बाद पहले से ही पठानकोट में इलाज चल रहा था। इसके चलते नूरपुर अस्पताल में तीन और पठानकोट में आठ बच्चे उपचाराधीन चल रहे थे। रविवार को इन आठ घायल बच्चों में से नितिश पठानिया ने छह दिन लंबी जद्दोजहद के बाद दम तोड़ दिया। जानकारी के मुताबिक पठानकोट के अमनदीप अस्पताल में उपचाराधीन पांचों बच्चों की हालत पहले से बेहतर बताई जा रही है और आईसीयू से बाहर वार्ड (रूम) में शिफ्ट किए गए बच्चों को भी तीन-चार दिन के भीतर छुट्टी मिल सकती है। उधर, नूरपुर सिविल अस्पताल के प्रभारी डॉ. एसके महाजन ने नूरपुर अस्पताल में भर्ती बच्चों को डिस्चार्ज करने की पुष्टि करते हुए बताया कि अस्पताल प्रशासन की ओर से तीनों बच्चों को घरों तक पहुंचाया गया और एक बच्चे को पांच दिन बाद दोबारा चेकअप के लिए बुलाया गया है।