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आज तक नहीं टूटा विक्रम चंद महाजन का रिकॉर्ड

Thu, 09 May 2019 12:24 AM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 09 May 2019 12:24 AM IST
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आज तक नहीं टूटा विक्रम चंद महाजन का रिकॉर्ड
आज तक नहीं टूटा विक्रम चंद महाजन का रिकॉर्ड
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1971 के लोकसभा चुनाव में हासिल किए थे 65.97 फीसदी वोट
रितेश महाजन
नूरपुर (कांगड़ा)। कांगड़ा-चंबा संसदीय सीट पर सर्वाधिक मत प्रतिशत हासिल करने का रिकॉर्ड अभी तक विक्रम चंद महाजन के नाम है। 1971 के लोकसभा चुनाव में इस सीट से कांग्रेस प्रत्याशी को 65.97 प्रतिशत वोट मिले थे और उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के चौधरी सरवण कुमार महज 23.94 फीसदी मत ही हासिल कर पाए थे।
उसके बाद से इस सीट पर दस चुनाव हो चुके हैं, लेकिन उनके इस रिकॉर्ड को अभी तक कोई दूसरा प्रत्याशी नहीं तोड़ पाया है। हालांकि, इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1984 में हुए आम चुनावों में सहानुभूति लहर के चलते कांग्रेस प्रत्याशी चंद्रेश कुमारी को यहां 62.45 प्रतिशत वोट हासिल करने में कामयाब रही थीं, लेकिन 1971 के रिकॉर्ड की बराबरी नहीं कर पाईं। उनके मुकाबले भाजपा प्रत्याशी चौधरी सरवण कुमार 30.88 फीसदी मतों पर ही सिमट गए थे। इतना ही नहीं, कांगड़ा संसदीय सीट के चुनावी इतिहास पर नजर दौड़ाई जाए तो वर्ष 1971 से अब तक केवल कांग्रेस के विक्रम चंद महाजन और चंद्रेश कुमारी ही 60 प्रतिशत से अधिक मत हासिल करने में सफल हो पाए हैं। इन दोनों कांग्रेसी धुरधंरों के अलावा भाजपा के दिग्गज नेता शांता कुमार दो बार और दुर्गा चंद (जनता पार्टी) एक बार 50 प्रतिशत से अधिक मत हासिल करने में सफल हुए हैं तो वहीं, 1967 की चुनावी परीक्षा में कांग्रेस के प्रत्याशी हेमराज अब तक सबसे कम 33.03 प्रतिशत मत हासिल कर तृतीय श्रेणी में पास होकर सांसद बने थे, जबकि भाजपा के शांता कुमार ने 1999 के लोस चुनाव में 58.80 प्रतिशत और 1998 के लोस चुनाव में 52.65 प्रतिशत मत लेकर द्वितीय श्रेणी में चुनावी परीक्षा पास की थी।
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इनकी परफामेंस रही बेहतर
वर्ष 1967 के बाद कांगड़ा सीट पर अब तक चार प्रत्याशियों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। कांग्रेस के हेमराज, भाजपा के डीडी खनूरिया, निवर्तमान सांसद राजन सुशांत, जनता पार्टी के दुर्गा चंद सभी ने एक-एक बार चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। दूसरे स्थान पर कांग्रेस के विक्रम चंद महाजन का नाम है, जिन्होंने कांगड़ा सीट से तीन बार चुनावी परीक्षा दी और दो बार उसमें पास हुए। तीसरे स्थान पर भाजपा के शांता कुमार हैं, उन्होंने पांच बार चुनावी परीक्षा दी और इसमें सिर्फ तीन बार उर्त्तीण हो पाए। इनके अलावा चंद्रेश कुमारी और सत महाजन तीन-तीन बार चुनाव लड़कर एक-एक बार जीत हासिल कर पाए।
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42.57 प्रतिशत हुआ था मतदान
1971 के लोस चुनाव में कांगड़ा सीट पर कुल 4 लाख 9 हजार 838 मतदाताओं में से एक लाख 74 हजार 472 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। इनमें से एक लाख 68 हजार 680 वैध मत पाए गए और जिसमें से कांग्रेस प्रत्याशी विक्रम चंद महाजन को एक लाख 11 हजार 276 (65.97 प्रतिशत) मत मिले थे। जबकि उनके मुकाबले भाजपा प्रत्याशी सरवण कुमार को कुल एक लाख 68 हजार 680 में से 40 हजार 388 (23.94) वोट हासिल हुए थे। इस चुनाव में कांगड़ा सीट पर 42.57 प्रतिशत मतदान रिकॉर्ड किया गया था।
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