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सबलैट दुकानों को नियमितकरण के लिए बनेगा नया नियम
Updated Mon, 19 Nov 2018 11:57 PM IST
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सबलेट दुकानों के नियमितीकरण को बनेगा नया नियम
दुकान का एग्रीमेंट रिन्यू करते समय कारोबारी के साथ चर्चा कर बढ़ेगा किराया
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। नगर निगम धर्मशाला ने आय बढ़ाने के लिए नए स्रोत ढूंढने में लग गई है। एमसी के दायरे में सबलेट दुकानों को नियमित करने के लिए नए नियम बनाए जाएंगे। इसे लेकर आमसभा में सभी पार्षदों और अधिकारियों ने विस्तारपूर्वक चर्चा की। आयुक्त संदीप कदम ने नगर परिषद मंडी की तर्ज पर सबलेट दुकानों को नियमित करने का सुझाव रखा, जिस पर हाउस ने सहमति बनाई और जल्द एक कमेटी का गठन कर सबलैटिंग के नियमों को तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि जो भी सबलेट दुकान में कारोबार कर रहा है, दुकान उसके नाम करने के लिए एकमुश्त राशि ली जाएगी। इससे एमसी के खजाने में एक साथ लगभग तीन से चार करोड़ रुपये आ जाएंगे। वर्तमान में एमसी की अधिकतर दुकानें सबलेट हुई है, जो नाम किसी और व्यक्ति के हैं, जबकि वहां कारोबार कोई और कर रहा है। इसके अलावा एमसी ने दुकानों के एग्रीमेंट नए करते समय कारोबारी से बातचीत कर किराया बढ़ाने को लेकर भी चर्चा की जाएगी। कारोबारी की सहमति से एमसी अपनी 250 दुकानों को किराया एग्रीमेंट न्यू करते समय वसूलने पर योजना बना रही है। एमसी की आय को बढ़ाने के इस फैसले पर सभी ने सहमति जताई।
इनसेट
तिब्बतियों से हाउस टैक्स वसूलने पर भी चर्चा
वार्ड नंबर-एक फरसेटगंज के पार्षद रणधीर सिंह राणा ने तिब्बतियों से भी हाउस टैक्स वसूलने पर हाउस में चर्चा करवाई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की तिब्बती पुनर्वास नीति-2014 और प्रदेश सरकार की तिब्बती पुनर्वास नीति-2015 के तहत सरकारी जमीन पर 218 घरों में तिब्बत समुदाय के लोग रह रहे हैं। इस जमीन को नगर निगम के नाम करने का प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा जाए, ताकि एमसी इन घरों से हाउस टैक्स वसूल कर सकें।
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दुकान का एग्रीमेंट रिन्यू करते समय कारोबारी के साथ चर्चा कर बढ़ेगा किराया
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। नगर निगम धर्मशाला ने आय बढ़ाने के लिए नए स्रोत ढूंढने में लग गई है। एमसी के दायरे में सबलेट दुकानों को नियमित करने के लिए नए नियम बनाए जाएंगे। इसे लेकर आमसभा में सभी पार्षदों और अधिकारियों ने विस्तारपूर्वक चर्चा की। आयुक्त संदीप कदम ने नगर परिषद मंडी की तर्ज पर सबलेट दुकानों को नियमित करने का सुझाव रखा, जिस पर हाउस ने सहमति बनाई और जल्द एक कमेटी का गठन कर सबलैटिंग के नियमों को तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि जो भी सबलेट दुकान में कारोबार कर रहा है, दुकान उसके नाम करने के लिए एकमुश्त राशि ली जाएगी। इससे एमसी के खजाने में एक साथ लगभग तीन से चार करोड़ रुपये आ जाएंगे। वर्तमान में एमसी की अधिकतर दुकानें सबलेट हुई है, जो नाम किसी और व्यक्ति के हैं, जबकि वहां कारोबार कोई और कर रहा है। इसके अलावा एमसी ने दुकानों के एग्रीमेंट नए करते समय कारोबारी से बातचीत कर किराया बढ़ाने को लेकर भी चर्चा की जाएगी। कारोबारी की सहमति से एमसी अपनी 250 दुकानों को किराया एग्रीमेंट न्यू करते समय वसूलने पर योजना बना रही है। एमसी की आय को बढ़ाने के इस फैसले पर सभी ने सहमति जताई।
इनसेट
तिब्बतियों से हाउस टैक्स वसूलने पर भी चर्चा
वार्ड नंबर-एक फरसेटगंज के पार्षद रणधीर सिंह राणा ने तिब्बतियों से भी हाउस टैक्स वसूलने पर हाउस में चर्चा करवाई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की तिब्बती पुनर्वास नीति-2014 और प्रदेश सरकार की तिब्बती पुनर्वास नीति-2015 के तहत सरकारी जमीन पर 218 घरों में तिब्बत समुदाय के लोग रह रहे हैं। इस जमीन को नगर निगम के नाम करने का प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा जाए, ताकि एमसी इन घरों से हाउस टैक्स वसूल कर सकें।
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