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सील निजी अस्पतालों को नोटिस, मांगा जबाव
Updated Sun, 16 Sep 2018 12:09 AM IST
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धर्मशाला। स्वास्थ्य विभाग ने जवाली और राजा का तालाब के सील निजी अस्पतालों को नोटिस जारी किया है। अब निजी अस्पताल प्रबंधकों को 30 दिन के अंदर इसका जवाब देना होगा। अगर कोई निजी अस्पताल स्वास्थ्य विभाग के नोटिस जवाब नहीं देता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग सील निजी अस्पतालों की जांच के लिए कमेटी का भी गठन कर दिया है।
बता दें कि स्वास्थ्य विभाग ने पिछले दिनों राजा का तालाब में अनियमितता पाए जाने पर एक निजी अस्पताल और एक निजी क्लीनिक की अल्ट्रासाउंड मशीन सील की थी। राजा की तालाब की कार्रवाई के तीन दिन बाद जवाली में भी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जवाली में बिना डॉक्टर के चल रहे निजी अस्पताल को सील कर दिया था, जबकि एक अन्य निजी अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर को भी बंद किया है।
पांच लाख रुपये तक हो सकता है जुर्माना
अगर सील निजी अस्पताल स्वास्थ्य विभाग के नोटिस का जवाब नहीं देंगे, तो उन्हें पांच लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है। नोटिस के जवाब देने के बाद गठित कमेटी पूरे मामले की जांच करेगी। इसके बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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कोट्स
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरएस राणा ने कहा कि अनियमितता पाए जाने पर सील निजी अस्पतालों को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस भेजने के तीस दिन में अब उन्हें जवाब देना होगा। जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है।
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बता दें कि स्वास्थ्य विभाग ने पिछले दिनों राजा का तालाब में अनियमितता पाए जाने पर एक निजी अस्पताल और एक निजी क्लीनिक की अल्ट्रासाउंड मशीन सील की थी। राजा की तालाब की कार्रवाई के तीन दिन बाद जवाली में भी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जवाली में बिना डॉक्टर के चल रहे निजी अस्पताल को सील कर दिया था, जबकि एक अन्य निजी अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर को भी बंद किया है।
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पांच लाख रुपये तक हो सकता है जुर्माना
अगर सील निजी अस्पताल स्वास्थ्य विभाग के नोटिस का जवाब नहीं देंगे, तो उन्हें पांच लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है। नोटिस के जवाब देने के बाद गठित कमेटी पूरे मामले की जांच करेगी। इसके बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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कोट्स
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरएस राणा ने कहा कि अनियमितता पाए जाने पर सील निजी अस्पतालों को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस भेजने के तीस दिन में अब उन्हें जवाब देना होगा। जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है।