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पार्किंग फीस से किया मना, कंपनी ने बंद कर दी एंट्री
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धर्मशाला। बस अड्डा मैक्लोडगंज में एचआरटीसी और निर्माता कंपनी के बीच चल रहे विवाद का खामियाजा स्थानीय लोगों और यहां घूमने आने वाले पर्यटकों को भुगतना पड़ रहा है। पर्यटन सीजन चरम पर होने से लोग दो से तीन किलोमीटर तक लंबे जाम में फंस रहे हैं। दरअसल बस अड्डा में वाहनों का प्रवेश न हो पाने के कारण वाहन सड़क किनारे खड़े किए जा रहे हैं, जिसके चलते लंबा जाम लग रहा है।
जानकारी के अनुसार हिमाचल पथ परिवहन निगम ने बस अड्डा निर्माता कंपनी को बस अड्डा में पार्किंग फीस न वसूलने के लिए पत्र लिखा है। पत्र मिलने के बाद कंपनी ने बस अड्डा परिसर में वाहनों के प्रवेश पर ही रोक लगा दी। इस दौरान निर्माता कंपनी ने बस अड्डा के मुख्य द्वार को ही रस्सी लगाकर बंद कर दिया है, जिसके चलते वाहन बस अड्डे में प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं। मजबूरन बसों सहित अन्य वाहनों को सड़क किनारे खड़ा करना पड़ रहा है, जिस कारण रोजाना दो से तीन किलोमीटर तक का लंबा जाम पर्यटन नगरी मैक्लोडगंज में लग रहा है। अगर विवाद शीघ्र हल नहीं हुआ तो पर्यटन नगरी में घूमने आने पर्यटकों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
पार्किंग फीस न वसूलने के लिए पत्र लिखा था
मैैक्लोडगंज बस अड्डे के निर्माण को एनजीटी ने अवैध घोषित किया है। इसके चलते परिवहन निगम ने निर्माता कंपनी को बस अड्डा में पार्किंग फीस न वसूलने के लिए पत्र लिखा था, न कि बस अड्डा वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के लिए। - अनूप राणा, डीएम, एचआरटीसी धर्मशाला मंडल।
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फ्री में नहीं देंगे एंट्री: विजय सूद
बस अड्डा निर्माता कंपनी के विजय सूद का कहना है कि उन्होंने करोड़ों रुपये बस अड्डा निर्माण के लिए लगाए हैं। ऐसे में निगम के फीस न वसूलने के आर्डर गलत हैं। अगर हम फीस नहीं वसूलेंगे तो अड्डे के रखरखाव आदि का खर्च कैसे चलाएंगे। जब तक पार्किंग फीस वसूली के लिए नहीं कहा जाता, तब तक वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से बंद रहेगा।
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जानकारी के अनुसार हिमाचल पथ परिवहन निगम ने बस अड्डा निर्माता कंपनी को बस अड्डा में पार्किंग फीस न वसूलने के लिए पत्र लिखा है। पत्र मिलने के बाद कंपनी ने बस अड्डा परिसर में वाहनों के प्रवेश पर ही रोक लगा दी। इस दौरान निर्माता कंपनी ने बस अड्डा के मुख्य द्वार को ही रस्सी लगाकर बंद कर दिया है, जिसके चलते वाहन बस अड्डे में प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं। मजबूरन बसों सहित अन्य वाहनों को सड़क किनारे खड़ा करना पड़ रहा है, जिस कारण रोजाना दो से तीन किलोमीटर तक का लंबा जाम पर्यटन नगरी मैक्लोडगंज में लग रहा है। अगर विवाद शीघ्र हल नहीं हुआ तो पर्यटन नगरी में घूमने आने पर्यटकों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
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पार्किंग फीस न वसूलने के लिए पत्र लिखा था
मैैक्लोडगंज बस अड्डे के निर्माण को एनजीटी ने अवैध घोषित किया है। इसके चलते परिवहन निगम ने निर्माता कंपनी को बस अड्डा में पार्किंग फीस न वसूलने के लिए पत्र लिखा था, न कि बस अड्डा वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के लिए। - अनूप राणा, डीएम, एचआरटीसी धर्मशाला मंडल।
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फ्री में नहीं देंगे एंट्री: विजय सूद
बस अड्डा निर्माता कंपनी के विजय सूद का कहना है कि उन्होंने करोड़ों रुपये बस अड्डा निर्माण के लिए लगाए हैं। ऐसे में निगम के फीस न वसूलने के आर्डर गलत हैं। अगर हम फीस नहीं वसूलेंगे तो अड्डे के रखरखाव आदि का खर्च कैसे चलाएंगे। जब तक पार्किंग फीस वसूली के लिए नहीं कहा जाता, तब तक वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से बंद रहेगा।