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नगर निगम का एक पदाधिकारी निगम को लगा रहा लाखों का चूना
Updated Sun, 06 May 2018 12:05 AM IST
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नगर निगम का एक पदाधिकारी रहा लाखों का चूना
धर्मशाला में किशन कपूर ने लगाए आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। खाद्य आपूर्ति मंत्री किशन कपूर ने नगर निगम धर्मशाला के एक पदाधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। शनिवार को धर्मशाला में पत्रकार वार्ता में मंत्री कपूर ने कहा कि निगम के पदाधिकारी ने नगर परिषद के दौरान ही भवन को लीज पर लेकर उसे अन्य कई निजी कंपनियों को दे रखा है। इससे वह लाखों रुपये कमा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब निगम के ही कुछ अधिकारियों की मिलीभगत के कारण हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ने पहले दिन से ही स्पष्ट शब्दों में कहा है कि भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में सहन नहीं होगा। कहा कि निगम की संपत्ति पर पांच मंजिला भवन बन गया है। पर्यटन विभाग और निगम के ऑफिस सामने हैं, लेकिन पिछले पांच सालों में इस पर किसी की नजर तक नहीं पड़ी। जबकि, मैक्लोडगंज और भागसूनाग सहित अन्य स्थानों पर लोगों के बिजली पानी-काट दिए गए। अपने ही कार्यालय के निकट चल रही गतिविधियां संबंधित विभागों को दिखाई ही नहीं दीं। उन्होंने कहा कि नगर निगम के कुछ अधिकारी विदेशी दौरों पर कंपनियों के सिर पर घूमते रहे और ऐसे लोगों को संरक्षण देते रहे। इस मामले की
पूरी जांच बिठाकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि नगर निगम के प्रतिनिधि ने निगम की संपत्ति पर कब्जा कर अपने लिए लाखों कमाने का जरिया बनाया। चुनाव लड़ने से पहले किसी ने भी इस बात का कोई भी संज्ञान नहीं लिया।
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धर्मशाला में किशन कपूर ने लगाए आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। खाद्य आपूर्ति मंत्री किशन कपूर ने नगर निगम धर्मशाला के एक पदाधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। शनिवार को धर्मशाला में पत्रकार वार्ता में मंत्री कपूर ने कहा कि निगम के पदाधिकारी ने नगर परिषद के दौरान ही भवन को लीज पर लेकर उसे अन्य कई निजी कंपनियों को दे रखा है। इससे वह लाखों रुपये कमा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब निगम के ही कुछ अधिकारियों की मिलीभगत के कारण हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ने पहले दिन से ही स्पष्ट शब्दों में कहा है कि भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में सहन नहीं होगा। कहा कि निगम की संपत्ति पर पांच मंजिला भवन बन गया है। पर्यटन विभाग और निगम के ऑफिस सामने हैं, लेकिन पिछले पांच सालों में इस पर किसी की नजर तक नहीं पड़ी। जबकि, मैक्लोडगंज और भागसूनाग सहित अन्य स्थानों पर लोगों के बिजली पानी-काट दिए गए। अपने ही कार्यालय के निकट चल रही गतिविधियां संबंधित विभागों को दिखाई ही नहीं दीं। उन्होंने कहा कि नगर निगम के कुछ अधिकारी विदेशी दौरों पर कंपनियों के सिर पर घूमते रहे और ऐसे लोगों को संरक्षण देते रहे। इस मामले की
पूरी जांच बिठाकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि नगर निगम के प्रतिनिधि ने निगम की संपत्ति पर कब्जा कर अपने लिए लाखों कमाने का जरिया बनाया। चुनाव लड़ने से पहले किसी ने भी इस बात का कोई भी संज्ञान नहीं लिया।
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