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Kangra News: चिट्टा तस्करी के दोषी को 14 वर्ष का कठोर कारावास
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धर्मशाला। एनडीपीएस के दो मामलों के आरोपी पर दोष सिद्ध होने पर न्यायालय ने उसे 14 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इन दोनों मामलों में दोषी जसविंद्र सिंह उर्फ सेतू निवासी निवासी वार्ड नंबर-5, लंबी गली, नूरपुर को एक-एक लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है।
इसकी अदायगी न करने पर एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसमें एक सजा समाप्त होने के बाद दूसरी शुरू होगी। विशेष न्यायाधीश (वक्फ ऑफ ट्रिब्यूनल) धर्मशाला जसवंत सिंह की अदालत ने दोनों मामलों में तथ्यों और गवाहों के बयान के आधार पर यह सजा सुनाई है। जानकारी के अनुसार 28 दिसंबर 2020 को पुलिस थाना नूरपुर की टीम गश्त के दौरान लंबी गली स्थित पार्क के समीप पहुंची, जहां जसविंद्र सिंह पुलिस को देखकर भागने लगा।
संदेह के आधार पर उसे पकड़ कर तलाशी ली तो उससे 6.28 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद हुई। मामले में नूरपुर पुलिस थाना में एफआईआर दर्ज कर पुलिस की ओर से मामले का चालान कोर्ट में पेश किया गया। न्यायालय में इस मामले में 12 गवाह अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए। वहीं, दूसरे मामले में 24 नवंबर 2019 को पुलिस चौकी कंडवाल की टीम गश्त पर लखनपुर क्षेत्र में मौजूद थी।
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इसी दौरान जसविंद्र पुलिस को देखकर घबरा गया और अपनी पैंट की जेब से एक पारदर्शी पॉलीथिन पुड़िया सड़क किनारे फेंक कर भागने लगा। संदेह के आधार पर पुलिस ने उसे मौके पर ही काबू कर लिया। तलाशी के दौरान फेंकी गई पुड़िया से 5.95 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद हुई। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई गई।
आरोपी से मौके पर मौजूद नशीले सामान की राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला में जांच के बाद रिपोर्ट में बरामद पदार्थ को डायएसिटाइल मॉर्फीन (हेरोइन) पाया गया। गवाहों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी पर दोष सिद्ध होने पर न्यायालय ने जसविंद्र को दोषी करार दिया और सजा सुनाई। संवाद
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इसकी अदायगी न करने पर एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसमें एक सजा समाप्त होने के बाद दूसरी शुरू होगी। विशेष न्यायाधीश (वक्फ ऑफ ट्रिब्यूनल) धर्मशाला जसवंत सिंह की अदालत ने दोनों मामलों में तथ्यों और गवाहों के बयान के आधार पर यह सजा सुनाई है। जानकारी के अनुसार 28 दिसंबर 2020 को पुलिस थाना नूरपुर की टीम गश्त के दौरान लंबी गली स्थित पार्क के समीप पहुंची, जहां जसविंद्र सिंह पुलिस को देखकर भागने लगा।
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संदेह के आधार पर उसे पकड़ कर तलाशी ली तो उससे 6.28 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद हुई। मामले में नूरपुर पुलिस थाना में एफआईआर दर्ज कर पुलिस की ओर से मामले का चालान कोर्ट में पेश किया गया। न्यायालय में इस मामले में 12 गवाह अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए। वहीं, दूसरे मामले में 24 नवंबर 2019 को पुलिस चौकी कंडवाल की टीम गश्त पर लखनपुर क्षेत्र में मौजूद थी।
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इसी दौरान जसविंद्र पुलिस को देखकर घबरा गया और अपनी पैंट की जेब से एक पारदर्शी पॉलीथिन पुड़िया सड़क किनारे फेंक कर भागने लगा। संदेह के आधार पर पुलिस ने उसे मौके पर ही काबू कर लिया। तलाशी के दौरान फेंकी गई पुड़िया से 5.95 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद हुई। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई गई।
आरोपी से मौके पर मौजूद नशीले सामान की राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला में जांच के बाद रिपोर्ट में बरामद पदार्थ को डायएसिटाइल मॉर्फीन (हेरोइन) पाया गया। गवाहों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी पर दोष सिद्ध होने पर न्यायालय ने जसविंद्र को दोषी करार दिया और सजा सुनाई। संवाद