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पंजीकरण के नाम पर गरीबों को ठग रही इंटक:संघ
Updated Mon, 21 May 2018 11:36 PM IST
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पंजीकरण के नाम पर ठग रही इंटक : संघ
ग्राम रोजगार सेवक संघ ने बयान का किया विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। ग्राम रोजगार सेवक संघ ने इंटक को घेरते हुए गरीब लोगों को ठगने का आरोप लगाया है। रोजगार सेवक संघ का आरोप है कि कर्मकार कल्याण बोर्ड की पंजीकरण की फीस मात्र दस रुपये है, जबकि इंटक और अन्य संस्थाएं 200 से 350 रुपये लेकर गरीबों को लूट रही है। इंटक गरीबों को ठगने के बाद ग्राम रोजगार सेवकों को बदनाम करने के लिए अनापशनाप बयानबाजी कर रही है।
ग्राम रोजगार सेवक संघ ने इंटक के उस बयान का विरोध किया है, जिसमें इंटक ने इंद्राज न होने के कारण मनरेगा श्रमिकों को श्रम कर्मकार कल्याण बोर्ड से मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं से वंचित होने के आरोप लगाए हैं। ग्राम रोजगार सेवक संघ कांगड़ा के अध्यक्ष साहिब सिंह ने कहा कि मनरेगा मजदूरों को जॉब कार्ड जारी किए जाते हैं और इसका पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन होता है। इसका इंद्राज भी समय-समय पर किया जाता है। ऐसे में जॉब कार्ड न भरने के आरोप गलत हैं। उन्होंने कहा कि इंटक यदि गरीबों की इतनी हितैषी है तो सरकार ने मनरेगा मजदूरों को सुविधाएं देने के लिए जो अधिकांश दिन 50 से बढ़ाकर 90 किए हैं उन्हें कम करवाकर फिर 50 करवाए, जिससे ज्यादा गरीब लोगों को इसकी सुविधा मिल सके। ग्राम रोजगार सेवक संघ गरीब मनरेगा श्रमिकों से अपील करता है कि कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजना में पंजीकरण के लिए पंचायत कार्यालय में संपर्क करें न कि इंटक या अन्य संस्थाओं से। साथ ही संघ ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आग्रह किया है कि पंजीकरण का कार्य केवल पंचायत से करवाया जाए न कि इंटक और अन्य संस्थाओं से।
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ग्राम रोजगार सेवक संघ ने बयान का किया विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। ग्राम रोजगार सेवक संघ ने इंटक को घेरते हुए गरीब लोगों को ठगने का आरोप लगाया है। रोजगार सेवक संघ का आरोप है कि कर्मकार कल्याण बोर्ड की पंजीकरण की फीस मात्र दस रुपये है, जबकि इंटक और अन्य संस्थाएं 200 से 350 रुपये लेकर गरीबों को लूट रही है। इंटक गरीबों को ठगने के बाद ग्राम रोजगार सेवकों को बदनाम करने के लिए अनापशनाप बयानबाजी कर रही है।
ग्राम रोजगार सेवक संघ ने इंटक के उस बयान का विरोध किया है, जिसमें इंटक ने इंद्राज न होने के कारण मनरेगा श्रमिकों को श्रम कर्मकार कल्याण बोर्ड से मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं से वंचित होने के आरोप लगाए हैं। ग्राम रोजगार सेवक संघ कांगड़ा के अध्यक्ष साहिब सिंह ने कहा कि मनरेगा मजदूरों को जॉब कार्ड जारी किए जाते हैं और इसका पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन होता है। इसका इंद्राज भी समय-समय पर किया जाता है। ऐसे में जॉब कार्ड न भरने के आरोप गलत हैं। उन्होंने कहा कि इंटक यदि गरीबों की इतनी हितैषी है तो सरकार ने मनरेगा मजदूरों को सुविधाएं देने के लिए जो अधिकांश दिन 50 से बढ़ाकर 90 किए हैं उन्हें कम करवाकर फिर 50 करवाए, जिससे ज्यादा गरीब लोगों को इसकी सुविधा मिल सके। ग्राम रोजगार सेवक संघ गरीब मनरेगा श्रमिकों से अपील करता है कि कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजना में पंजीकरण के लिए पंचायत कार्यालय में संपर्क करें न कि इंटक या अन्य संस्थाओं से। साथ ही संघ ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आग्रह किया है कि पंजीकरण का कार्य केवल पंचायत से करवाया जाए न कि इंटक और अन्य संस्थाओं से।
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