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ऊना-गगरेट-पठानकोट में थम गए एचआरटीसी के पहिए.
Updated Mon, 02 Apr 2018 11:25 PM IST
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ऊना-गगरेट-पठानकोट में थमे एचआरटीसी के पहिये
निगम को लाखों का उठाना पड़ा वित्तीय घाटा
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। अनुसूचित जाति एवं जनजाति एक्ट में संशोधन के विरोध के चलते सोमवार को हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसें बाहरी राज्यों में प्रवेश नहीं कर सकीं। निगम की बसों के पहियों को ऊना, पठानकोट और गगरेट में ही रोक दिया गया, जिससे किसी भी अनहोनी से बचा जा सके। जानकारी के अनुसार जिला कांगड़ा से हिमाचल पथ परिवहन निगम की 115 से अधिक बसें रोजाना दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब सहित जम्मू-कश्मीर जाती हैं। ऐसे में एहतियात के तौर पर निगम ने पंजाब से होकर दिल्ली-चंडीगढ़ जाने वाली बसों को ऊना में ही रोक दिया। इसके अलावा होशियारपुर, लुधियाना और जालंधर जाने वाली बसों को प्रदेश के प्रवेश द्वार गगरेट में खड़ा कर दिया गया। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर जाने वाली बसों को पठानकोट से आगे नहीं भेजा गया है। जानकारी के अनुसार धर्मशाला डिपो से निगम की बीस के करीब आर्डिनरी और लग्जरी बसें रोजाना बाहरी राज्यों के लिए गुजरती हैं। इसके अलावा बैजनाथ से 26, देहरा डिपो से 32, नगरोटा बगवां से 20 और इतनी ही बसें पालमपुर डिपो से बाहरी राज्यों के लिए रवाना होती हैं, जिन्हें ऊना-पठानकोट और गगरेट से आगे नहीं जाने दिया गया है।
पठानकोट डिपो के सभी रूट प्रभावित
जानकारी के अनुसार एचआरटीसी के पठानकोट डिपो से 16 आर्डिनरी और लग्जरी बसें रोजाना पंजाब होकर अन्य राज्यों के लिए गुजरती हैं। भारत बंद के चलते यहां से किसी भी रूट पर निगम ने कोई भी बस नहीं भेजी। पठानकोट से एकमात्र शिमला जाने वाली बस को ही भेजा गया है, जो सुबह के समय ही गुजर जाती है।
अनुसूचित जाति एवं जनजाति एक्ट में संशोधन के विरोध के चलते एचआरटीसी ने बसों को प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों पर ही रोक दिया है। इस दौरान निगम को घाटा भी झेलना पड़ा है। - राजकुमार जरियाल, डीएम, धर्मशाला मंडल।
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निगम को लाखों का उठाना पड़ा वित्तीय घाटा
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। अनुसूचित जाति एवं जनजाति एक्ट में संशोधन के विरोध के चलते सोमवार को हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसें बाहरी राज्यों में प्रवेश नहीं कर सकीं। निगम की बसों के पहियों को ऊना, पठानकोट और गगरेट में ही रोक दिया गया, जिससे किसी भी अनहोनी से बचा जा सके। जानकारी के अनुसार जिला कांगड़ा से हिमाचल पथ परिवहन निगम की 115 से अधिक बसें रोजाना दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब सहित जम्मू-कश्मीर जाती हैं। ऐसे में एहतियात के तौर पर निगम ने पंजाब से होकर दिल्ली-चंडीगढ़ जाने वाली बसों को ऊना में ही रोक दिया। इसके अलावा होशियारपुर, लुधियाना और जालंधर जाने वाली बसों को प्रदेश के प्रवेश द्वार गगरेट में खड़ा कर दिया गया। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर जाने वाली बसों को पठानकोट से आगे नहीं भेजा गया है। जानकारी के अनुसार धर्मशाला डिपो से निगम की बीस के करीब आर्डिनरी और लग्जरी बसें रोजाना बाहरी राज्यों के लिए गुजरती हैं। इसके अलावा बैजनाथ से 26, देहरा डिपो से 32, नगरोटा बगवां से 20 और इतनी ही बसें पालमपुर डिपो से बाहरी राज्यों के लिए रवाना होती हैं, जिन्हें ऊना-पठानकोट और गगरेट से आगे नहीं जाने दिया गया है।
पठानकोट डिपो के सभी रूट प्रभावित
जानकारी के अनुसार एचआरटीसी के पठानकोट डिपो से 16 आर्डिनरी और लग्जरी बसें रोजाना पंजाब होकर अन्य राज्यों के लिए गुजरती हैं। भारत बंद के चलते यहां से किसी भी रूट पर निगम ने कोई भी बस नहीं भेजी। पठानकोट से एकमात्र शिमला जाने वाली बस को ही भेजा गया है, जो सुबह के समय ही गुजर जाती है।
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अनुसूचित जाति एवं जनजाति एक्ट में संशोधन के विरोध के चलते एचआरटीसी ने बसों को प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों पर ही रोक दिया है। इस दौरान निगम को घाटा भी झेलना पड़ा है। - राजकुमार जरियाल, डीएम, धर्मशाला मंडल।
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