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पालमपुर की खड्डों में उड़ेली जा रही गंदगी
Updated Sat, 06 Jan 2018 11:58 PM IST
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विनोद राणा
पालमपुर (कांगड़ा)। पालमपुर शहर में अभी तक कूड़े को ठिकाने लगाने का सही इंतजाम न होने के चलते अब शहर के साथ लगती खड्डे कूड़े की डंपिंग साइट बनने लगी हैं। इन खड्डों में शहर का रोजना सैकड़ों टन कूड़ा-कर्कट फेंका जा रहा है। इससे निचले इलाकों में कभी भी बीमारी फैल सकती है। मोल और भिरल खड्डों के निचले क्षेत्रों में कई पेयजल योजनाएं चली हुई हैं। सूत्रों की मानें तो कूड़े को ठिकाने लगाने की समस्या से नगर परिषद पालमपुर भी परेशान है। नप अब जल्द ही घरों से कूड़ा उठाने का कदम उठा सकती है। इसके लिए नप सोमवार को बैठक करने जा रही है। लोहना पंचायत में कूड़ा संयंत्र बंद होने से इस समय शहर पालमपुर के कूड़े का सही निष्पादन नहीं हो पा रहा है।
शहर में रखे भरे डंपरों को देख लोग भिरल और मोल खड्डों में अपने घरों का कूड़ा फेंक रहे हैं। मोल खड्ड में ही इस समय करीब 400 से पांच सौ ट्राली कूड़े की इकट्ठी हो चुकी है। जो जल्द ही लोगों की सेहत पर बुरा असर डाल सकती है। यही नहीं पुरानी और नई सब्जी मंडी के पास भी कूड़े के बड़े-बड़े ढेर लगे हैं। हालांकि, नप कूड़े को कांगड़ा भेज रही है, लेकिन इसमें भी प्लास्टिक ही जा रहा है। शहर के कूड़े-कचरे को ठिकाने लगाना नप के लिए सिरदर्द बन गया है। जिसे लेकर नप भी लोगों का सहयोग चाहती है। नप सोमवार को होने वाली बैठक में हर घर से कूड़ा उठाने का फैसला ले सकती है। हालांकि फिर भी यह समस्या तब तक दूर होती नहीं दिख रही है, जब तक नप के पास अपनी डंपिंग साइट न हो।
समस्या को लेकर नप गंभीर : ईओ
नप के कार्यकारी अधिकारी देशराज चौधरी ने कहा कि नप कूड़े की समस्या को लेकर गंभीर है। इसके लिए सोमवार को बैठक की जा रही है जिसमें कुछ फैसला हो सकता है।
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पालमपुर (कांगड़ा)। पालमपुर शहर में अभी तक कूड़े को ठिकाने लगाने का सही इंतजाम न होने के चलते अब शहर के साथ लगती खड्डे कूड़े की डंपिंग साइट बनने लगी हैं। इन खड्डों में शहर का रोजना सैकड़ों टन कूड़ा-कर्कट फेंका जा रहा है। इससे निचले इलाकों में कभी भी बीमारी फैल सकती है। मोल और भिरल खड्डों के निचले क्षेत्रों में कई पेयजल योजनाएं चली हुई हैं। सूत्रों की मानें तो कूड़े को ठिकाने लगाने की समस्या से नगर परिषद पालमपुर भी परेशान है। नप अब जल्द ही घरों से कूड़ा उठाने का कदम उठा सकती है। इसके लिए नप सोमवार को बैठक करने जा रही है। लोहना पंचायत में कूड़ा संयंत्र बंद होने से इस समय शहर पालमपुर के कूड़े का सही निष्पादन नहीं हो पा रहा है।
शहर में रखे भरे डंपरों को देख लोग भिरल और मोल खड्डों में अपने घरों का कूड़ा फेंक रहे हैं। मोल खड्ड में ही इस समय करीब 400 से पांच सौ ट्राली कूड़े की इकट्ठी हो चुकी है। जो जल्द ही लोगों की सेहत पर बुरा असर डाल सकती है। यही नहीं पुरानी और नई सब्जी मंडी के पास भी कूड़े के बड़े-बड़े ढेर लगे हैं। हालांकि, नप कूड़े को कांगड़ा भेज रही है, लेकिन इसमें भी प्लास्टिक ही जा रहा है। शहर के कूड़े-कचरे को ठिकाने लगाना नप के लिए सिरदर्द बन गया है। जिसे लेकर नप भी लोगों का सहयोग चाहती है। नप सोमवार को होने वाली बैठक में हर घर से कूड़ा उठाने का फैसला ले सकती है। हालांकि फिर भी यह समस्या तब तक दूर होती नहीं दिख रही है, जब तक नप के पास अपनी डंपिंग साइट न हो।
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समस्या को लेकर नप गंभीर : ईओ
नप के कार्यकारी अधिकारी देशराज चौधरी ने कहा कि नप कूड़े की समस्या को लेकर गंभीर है। इसके लिए सोमवार को बैठक की जा रही है जिसमें कुछ फैसला हो सकता है।