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कांगड़ा में नहीं दिखा भारत बंद का असर
Updated Mon, 02 Apr 2018 11:24 PM IST
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कांगड़ा में नहीं दिखा भारत बंद का असर
एससी-एसटी संगठनों ने प्रदर्शन कर सौंपे ज्ञापन
धर्मशाला। अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम में सर्वोच्च न्यायालय के नए फैसला पर फिर विचार करने की मांग को लेकर किए गए बंद का कांगड़ा जिले में कोई असर नहीं दिखा। जिला मुख्यालय सहित अन्य उपमंडलों में एससी-एसटी संगठनों ने प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपे। इसमें दलितों की सुरक्षा को लेकर पुनर्विचार करने की गुहार लगाई गई। धर्मशाला में हिमाचल वाल्मीकि सभा ने कचहरी अड्डा से उपायुक्त कार्यालय तक प्रदर्शन किया। गुरु रविदास महासभा के प्रदेशाध्यक्ष प्रकाश चंद भाटिया और महासचिव शरद चंद्र ने कहा कि नए फैसले से दलित वर्ग पर अत्याचार बढ़ने की संभावना है। इसलिए इसे पूर्व की भांति रहने दिया जाए। इस अवसर पर ज्ञान चंद, शेर सिंह, शंकर सिंह, हरिदास, ओंकार भाटिया, नरेश कुमार, विजय विद्यार्थी आदि मौजूद रहे।
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एससी-एसटी संगठनों ने प्रदर्शन कर सौंपे ज्ञापन
धर्मशाला। अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम में सर्वोच्च न्यायालय के नए फैसला पर फिर विचार करने की मांग को लेकर किए गए बंद का कांगड़ा जिले में कोई असर नहीं दिखा। जिला मुख्यालय सहित अन्य उपमंडलों में एससी-एसटी संगठनों ने प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपे। इसमें दलितों की सुरक्षा को लेकर पुनर्विचार करने की गुहार लगाई गई। धर्मशाला में हिमाचल वाल्मीकि सभा ने कचहरी अड्डा से उपायुक्त कार्यालय तक प्रदर्शन किया। गुरु रविदास महासभा के प्रदेशाध्यक्ष प्रकाश चंद भाटिया और महासचिव शरद चंद्र ने कहा कि नए फैसले से दलित वर्ग पर अत्याचार बढ़ने की संभावना है। इसलिए इसे पूर्व की भांति रहने दिया जाए। इस अवसर पर ज्ञान चंद, शेर सिंह, शंकर सिंह, हरिदास, ओंकार भाटिया, नरेश कुमार, विजय विद्यार्थी आदि मौजूद रहे।