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संजय नहीं तोड़ पाए काजल की अंत तक लीड

Wed, 20 Dec 2017 12:26 AM IST
Updated Wed, 20 Dec 2017 12:26 AM IST
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संजय नहीं तोड़ पाए काजल की अंत तक लीड
अमन पठानिया
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कांगड़ा। सरकार बदलने की लहर और संगठन में खूब सियासी पैरोकारी होने के बाद पार्टी से टिकट हासिल करने के वाले भाजपा प्रत्याशी संजय चौधरी विधायक काजल की लीड का तिलिस्म नहीं तोड़ पाए।
आठ राउंड में हुई मतगणना में काजल ने पहले ही राउंड में खुद के लिए 2864 मतों की बढ़त बना ली थी। तीसरे राउंड में संजय थोड़ा ऊपर उठे, लेकिन यह बढ़त उनकी जीत में तबदील नहीं पाई। चुनाव के दौरान हालांकि भाजपा अपने प्रत्याशी की जीत को लेकर कई दावे जता रही थी। पार्टी कार्यकर्ता कम से कम पांच हजार मतों से संजय की जीत के दावे भी जता रहे थे।
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जिला कांगड़ा से लेकर हर ओर भाजपा ने प्रचंड बहुमत हासिल किया तो कांगड़ा विस में भाजपा प्रत्याशी किन कारणों से हार गए, इसी गुणा भाग की सियासी चर्चाओं में पार्टी कार्यकर्ता मशगूल हैं। क्या भाजपा प्रत्याशी के तौर पर संजय को देरी से उतारा गया या फिर पवन काजल का पर्सनल वोट बैंक और अपने कार्यकाल में दो डिग्री कॉलेज सहित आईटीआई के प्रोजेक्ट उनकी जीत की राह में रोड़ा बन गए। राउंड बाइज आ रही मतगणना की रिपोर्ट तो अभी तक यही संकेत दे रही है। विधायक पवन काजल का इस बार पिछली बार की तुलना में हजारों मतों के अंतर से जीतना कांगड़ा में बड़े सियासी बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि काजल ने दूसरे राउंड में 3231 तो संजय ने 3155, तीसरे में 2443 और संजय ने 2608 लिए। यहां भी काजल की लीड बरकरार रही और चौथे राउंड में काजल ने 4552 वोट लेकर अपनी लीड और ज्यादा बढ़ा ली। इस राउंड में संजय को 2915 वोट मिले। पांचवें राउंड में काजल को 3216 और संजय को 3019 वोट हासिल हुए। छठे में 3339 वोट काजल और 2155 वोट संजय को मिले। वहीं अंतिम राउंड में काजल ने अभूतपूर्व सियासी पारी खेलते हुए 3225 वोट लिए और संजय 2155 वोट लेकर हजारों मतों से पीछे हो गए। बहरहाल इस चुनावी परिणाम के कांगड़ा विस के सियासी खेल ने जहां एक ऐसे ट्रेंड को तोड़ दिया, जहां हर बार नया विधायक जीतने की परंपरा थी। वहीं इस बात के भी साफ संकेत दे दिए विकास कार्यों के दावे जब तक धरती पर नहीं दिखते, तब तक सियासत की कुर्सी पर आसीन होना बेहद मुश्किल है।
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