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बज्रेश्वरी मंदिर ट्रस्ट का गठन न होने से लटका बजट
Updated Wed, 07 Mar 2018 11:33 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कांगड़ा। बज्रेश्वरी देवी मंदिर का सालाना बजट पारित न होने के कारण ट्रस्ट के बैनर तले हो रहे विकास कार्यों पर ग्रहण लग गया है। मंदिर ट्रस्ट का गठन न होने कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। बज्रेश्वरी देवी मंदिर का सालाना बजट एक जनवरी से 31 दिसंबर तक होता है। प्रदेश में नई सरकार का गठन होने के बाद अभी तक नए मंदिर ट्रस्ट का गठन नहीं हुआ है। ऐसे में
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कोई नई योजना शुरू नहीं हो पा रही हैं। मंदिर में 18 मार्च से चैत्र नवरात्रे शुरू होंगे। अधिकारी ट्रस्ट के गठन तक बजट पारित न होने का हवाला दे रहे हैं। मंदिर का सालाना पांच करोड़ रुपये से अधिक का बजट है।
बिना ट्रस्ट के श्रद्धालुओं को दी जाने वाली सुविधाएं फाइलों में धूल फांक रही हैं। मंदिर अधिकारी सुरेंद्र धीमान ने कहा कि मंदिर ट्रस्ट का गठन न होने कारण अभी तक वार्षिक बजट पारित नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए मंदिर प्रशासन खर्च कर रहा है, जबकि नई योजनाएं बिना ट्रस्ट की अप्रूवल के पेंडिंग हैं। उन्होंने कहा कि चैत्र नवरात्रों के लिए मंदिर प्रशासन तैयारियों में जुटा है जो भी जरूरी होगा मंदिर प्रशासन खरीद करेगा, जिसे ट्रस्ट के गठन के बाद बैठक में पारित करवाया जाएगा।
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कांगड़ा। बज्रेश्वरी देवी मंदिर का सालाना बजट पारित न होने के कारण ट्रस्ट के बैनर तले हो रहे विकास कार्यों पर ग्रहण लग गया है। मंदिर ट्रस्ट का गठन न होने कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। बज्रेश्वरी देवी मंदिर का सालाना बजट एक जनवरी से 31 दिसंबर तक होता है। प्रदेश में नई सरकार का गठन होने के बाद अभी तक नए मंदिर ट्रस्ट का गठन नहीं हुआ है। ऐसे में
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कोई नई योजना शुरू नहीं हो पा रही हैं। मंदिर में 18 मार्च से चैत्र नवरात्रे शुरू होंगे। अधिकारी ट्रस्ट के गठन तक बजट पारित न होने का हवाला दे रहे हैं। मंदिर का सालाना पांच करोड़ रुपये से अधिक का बजट है।
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बिना ट्रस्ट के श्रद्धालुओं को दी जाने वाली सुविधाएं फाइलों में धूल फांक रही हैं। मंदिर अधिकारी सुरेंद्र धीमान ने कहा कि मंदिर ट्रस्ट का गठन न होने कारण अभी तक वार्षिक बजट पारित नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए मंदिर प्रशासन खर्च कर रहा है, जबकि नई योजनाएं बिना ट्रस्ट की अप्रूवल के पेंडिंग हैं। उन्होंने कहा कि चैत्र नवरात्रों के लिए मंदिर प्रशासन तैयारियों में जुटा है जो भी जरूरी होगा मंदिर प्रशासन खरीद करेगा, जिसे ट्रस्ट के गठन के बाद बैठक में पारित करवाया जाएगा।
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