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गैंगरेप के 3 दोषियों को 20 साल की कठोर कैद
Updated Wed, 01 Nov 2017 10:46 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजीव बाली की अदालत ने विवाहिता से गैंगरेप करने के मामले में बिहार के रहने वाले तीन दोषियों को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने तीनों दोषियों को नौ-नौ हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
जिला न्यायवादी राजेश वर्मा ने बताया कि मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी भुवनेश मिन्हास ने की। उन्होंने बताया कि घटना 24 मार्च 2015 की है। इंदौरा थाना क्षेत्र के ढांगू माजरा में एक क्रशर में काम करने वाले बिहार के जिला बांदा निवासी शिव सिंह, पंकज और राकेश कुमार रात के समय बिहार के मधेपुरा जिला की निवासी पीड़िता के क्वार्टर में गए और उसके पति के साथ बैठकर शराब पी। रात करीब दस बजे तीनों वहां से लौट गए, लेकिन सुनियोजित ढंग से तीनों रात साढ़े 11 बजे दोबारा पीड़िता के क्वार्टर में आ धमके और उसके पति के नशे में धुत्त होने का फायदा उठाकर जबरन पीड़िता को साथ ही स्थित एक खाली क्वार्टर में ले गए। वहां तीनों ने मिल कर विवाहिता से गैंगरेप किया। विवाहिता ने अपने पति को इस घटना की जानकारी दी, इसके बाद पति ने अगले दिन इंदौरा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने दुराचार का मुकदमा दर्ज कर अदालत में पेश किया। अभियोजन पक्ष की ओर से उप जिला न्यायवादी भुवनेश मिन्हास ने अदालत में कुल 26 गवाह पेश किए। साथ ही इस मामले में लिए गए डीएनए सैंपल भी बतौर साक्ष्य अदालत में रखे गए। अदालत ने इस मामले में डीएनए सैंपल के सबूत को मानते हुए तीनों दोषियों को धारा 452 के तहत दो साल की कैद और दो-दो हजार रुपए जुर्माना, धारा 365 के तहत भी दो साल की कैद और दो-दो हजार रुपए जुर्माना तथा धारा 376-डी (गैंगरेप) के तहत 20 साल के कठोर कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। ये सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
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धर्मशाला। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजीव बाली की अदालत ने विवाहिता से गैंगरेप करने के मामले में बिहार के रहने वाले तीन दोषियों को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने तीनों दोषियों को नौ-नौ हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
जिला न्यायवादी राजेश वर्मा ने बताया कि मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी भुवनेश मिन्हास ने की। उन्होंने बताया कि घटना 24 मार्च 2015 की है। इंदौरा थाना क्षेत्र के ढांगू माजरा में एक क्रशर में काम करने वाले बिहार के जिला बांदा निवासी शिव सिंह, पंकज और राकेश कुमार रात के समय बिहार के मधेपुरा जिला की निवासी पीड़िता के क्वार्टर में गए और उसके पति के साथ बैठकर शराब पी। रात करीब दस बजे तीनों वहां से लौट गए, लेकिन सुनियोजित ढंग से तीनों रात साढ़े 11 बजे दोबारा पीड़िता के क्वार्टर में आ धमके और उसके पति के नशे में धुत्त होने का फायदा उठाकर जबरन पीड़िता को साथ ही स्थित एक खाली क्वार्टर में ले गए। वहां तीनों ने मिल कर विवाहिता से गैंगरेप किया। विवाहिता ने अपने पति को इस घटना की जानकारी दी, इसके बाद पति ने अगले दिन इंदौरा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने दुराचार का मुकदमा दर्ज कर अदालत में पेश किया। अभियोजन पक्ष की ओर से उप जिला न्यायवादी भुवनेश मिन्हास ने अदालत में कुल 26 गवाह पेश किए। साथ ही इस मामले में लिए गए डीएनए सैंपल भी बतौर साक्ष्य अदालत में रखे गए। अदालत ने इस मामले में डीएनए सैंपल के सबूत को मानते हुए तीनों दोषियों को धारा 452 के तहत दो साल की कैद और दो-दो हजार रुपए जुर्माना, धारा 365 के तहत भी दो साल की कैद और दो-दो हजार रुपए जुर्माना तथा धारा 376-डी (गैंगरेप) के तहत 20 साल के कठोर कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। ये सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
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