{"_id":"595e7a034f1c1b50288b45fd","slug":"11499363843-kangra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मैकलोडगंज में मनाया दलाईलामा का","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मैकलोडगंज में मनाया दलाईलामा का
Updated Thu, 06 Jul 2017 11:27 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धर्मशाला। निर्वासित तिब्बत सरकार ने मैक्लोडगंज में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता एवं 14वें दलाईलामा का 82वां जन्मदिन धूमधाम से मनाया। दलाईलामा मंदिर में जन्मदिवस समारोह में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे पूर्व मंत्री किशन कपूर ने दलाईलामा की लंबी आयु की दुआ मांगी।
कपूर ने कहा कि धर्मगुरु दलाईलामा ने विश्व शांति के लिए अपनी पूरी जिंदगी खपा दी। उन्होंने कहा कि धर्मगुरु दलाईलामा के धर्मशाला में बसने से पर्यटन नगरी को विश्व स्तर पर भी नई पहचान मिली। आज पूरी दुनिया धर्मशाला आना चाहती है। उन्होंने कहा दलाईलामा भगवान बुद्ध के सच्चे दूत हैं। तिब्बत में चीन के अत्याचारों की तरफ दुनिया को ध्यान देना चाहिए। दलाईलामा के प्यार और स्नेह के आगे एक दिन चीन बदल जाएगा और तिब्बत को स्वायत्तता मिलेगी। अरुणाचल प्रदेश से एमपी निनोंग ऐरिंग ने भी दलाईलामा की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर निर्वासित तिब्बत सरकार की ओर से करमा येशी और निर्वासित संसद से उपाध्यक्ष आचार्य येशी फुंचोंक ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया।
विज्ञापन
कपूर ने कहा कि धर्मगुरु दलाईलामा ने विश्व शांति के लिए अपनी पूरी जिंदगी खपा दी। उन्होंने कहा कि धर्मगुरु दलाईलामा के धर्मशाला में बसने से पर्यटन नगरी को विश्व स्तर पर भी नई पहचान मिली। आज पूरी दुनिया धर्मशाला आना चाहती है। उन्होंने कहा दलाईलामा भगवान बुद्ध के सच्चे दूत हैं। तिब्बत में चीन के अत्याचारों की तरफ दुनिया को ध्यान देना चाहिए। दलाईलामा के प्यार और स्नेह के आगे एक दिन चीन बदल जाएगा और तिब्बत को स्वायत्तता मिलेगी। अरुणाचल प्रदेश से एमपी निनोंग ऐरिंग ने भी दलाईलामा की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर निर्वासित तिब्बत सरकार की ओर से करमा येशी और निर्वासित संसद से उपाध्यक्ष आचार्य येशी फुंचोंक ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया।
विज्ञापन