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दो हार के बाद कांगड़ा पर फोकस

Thu, 18 Oct 2018 12:12 AM IST
Updated Thu, 18 Oct 2018 12:12 AM IST
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दो हार के बाद कांगड़ा पर फोकस
जिप और नगर निगम में के बाद कांगड़ा पर फोकस
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लोस चुनाव से पहले नाराज नेताओं को सियासी लड्डू खिलाने की तैयारी
चार मंत्रियों के बाद दो नई ताजपोशियों से बिछाई सियासी बिसात
मुख्यमंत्री ने ओबीसी के बाद एससी वोट बैंक पर डाले डोरे
सुनील चड्ढा
धर्मशाला। जिला परिषद कांगड़ा और नगर निगम धर्मशाला सहित कई सियासी मोर्चों पर मात खाने के बाद जयराम सरकार ने लोकसभा चुुनाव से पहले कांगड़ा के सियासी दुर्ग की नींव मजबूत करने के लिए राजनीतिक बिसात बिछाना शुरू कर दी है। दबाव में आकर धवाला की ताजपोशी के रूप में ओबीसी वोट बैंक को साधने के बाद भाजपा ने नाराज होने से पहले ही संगठनात्मक जिला नूरपुर को संभालने की कोशिश कर ली। सिटिंग एमएलए होने के बावजूद टिकट कटने से नाराज चल रहे मनोहर धीमान को जनरल इंडस्ट्री कारपोरेशन का उपाध्यक्ष बनाकर लोकसभा चुनाव से पहले एससी वोट बैंक साधने के साथ क्षेत्रवाद और जातिवाद का सियासी पासा फेंक दिया। कांगड़ा के सियासी खाते में अब चार मंत्री, एक कैबिनेट रैंक के रूप में योजना उपाध्यक्ष का पद और एक जीआईसी उपाध्यक्ष की कुर्सी आ गई है। अभी तक नूरपुर संगठनात्मक जिला को कोई भी मंत्री पद या बोर्ड-निगम के अध्यक्ष या उपाध्यक्ष का पद नहीं मिलने से नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही थी। हालांकि, मंत्री पद न मिलने से नाराज चल रहे विधायक राकेश पठानिया को अभी तक मुख्यमंत्री मनाने में नाकाम रहे हैं। रमेश धवाला की तरह पठानिया ने सरकार पर दबाव की राजनीति का अभी तक सियासी पासा नहीं फेंका है, लेकिन इस ताजपोशी के बाद दबी हुई सियासी चिंगारी सुलगने के कयास बन सकते हैं। लोकसभा चुनाव से पहले अब कांगड़ा की सियासी पिच पर मुख्यमंत्री कौन सा मास्टर स्ट्रोक खेलेंगे, यह देखना दिलचस्प होगा।

सिटिंग एमएलए होते हुए कट गई थी टिकट
मनोहर धीमान अनुसूचित जाति के आरक्षित इंदौरा सीट से सिटिंग एमएलए थे। सिटिंग एमएल होने के बावजूद भाजपा ने पिछले चुनाव में मनोहर धीमान की टिकट काटकर रीता धीमान को दी थी। टिकट कटने के बाद मनोहर धीमान के समर्थकों ने खूब हंगामा किया था। पार्टी के आश्वासन मनोहर ने आजाद चुनाव न लड़कर रीता धीमान का साथ दिया था। भाजपा ने टिकट के त्याग की एवज में मनोहर को अब ईनाम के रूप में नई कुर्सी सौंपी है।
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कांगड़ा के इन तलबगार को भी ताजपोशी का इंतजार
बोर्डों और निगमों में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष की कुुर्सी अभी तक हारे हुए या संगठन के नेताओं को मिल रही है। कुर्सी के तलबगारों की फेहरिस्त में इंदु गोस्वामी, दूलो राम, संजय शर्मा, उत्तम चौधरी, संजय चौधरी, त्रिलोक कपूर, कृपाल परमार, घनश्याम शर्मा, राजीव भारद्वाज आदि नेता शामिल हैं।
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