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आईटीबीपी ने सम्मानित किए शहीदों के परिजन
Updated Tue, 10 Apr 2018 01:28 AM IST
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आईटीबीपी ने सम्मानित किए शहीदों के परिजन
अधिकारियों ने घर जाकर भेंट किए उपहार
अमर उजाला ब्यूरो
पालमपुर (कांगड़ा)। आईटीबीपी में नौकरी के दौरान शहीद हुए सैनिकों समेत अन्य कारणों से हुई मौत पर आईटीबीपी के डीजी ने इन सैनिकों के परिवारों को सम्मानित किया है। सोमवार को प्रदेश में तैनात आईटीबीपी हेडक्वार्टर के डीजी ने प्रदेश भर में इन सैनिकों की मौत पर उनके परिवारों को सम्मानित किया। इसके लिए उन्होंने हेडक्वार्टर से अपने सैनिक भेज कर शहीदों के घर जाकर उनके परिवारों को उपहार भेंट किए। साथ ही इन परिवारों के दुख-दर्द को जाना। आईटीबीपी के डीजी आरके पंचनंदा की इस पहल का स्वागत किया गया है। पूर्व पैरामिल्ट्री के प्रदेश सचिव मनवीर चंद कटोच ने कहा कि आईटीबीपी के डीजी की ओर से शुरू की गई इस पहल का संगठन स्वागत करता है। उन्होंने कहा कि यह पहला मौका है जब किसी आईटीबीपी के अधिकारी ने मौत के बाद आईटीबीपी के जवानों को सम्मानित किया और उनका दुख दर्द जाना है। कटोच ने कहा कि हमारा सरकार से अनुरोध है कि आंतरिक एवं सरहदों की रक्षा, सुरक्षा और अंखडता के लिए शहादत का जाम पीने वाले पैरामिल्ट्री के शहीदों के नाम शहीद स्मारकों पर अंकित किए जाएं। साथ ही उनकी वीरगाथाओं में भी शामिल किए जाएं। जिले में आईटीबीपी में नौकरी के दौरान मरे शहीद सैनिकों के परिवारों में तमलोह में प्रेमलता, भट्ट समूला में रेश्मा देवी और आलमपुर में सरमिला को सम्मानित किया।
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अधिकारियों ने घर जाकर भेंट किए उपहार
अमर उजाला ब्यूरो
पालमपुर (कांगड़ा)। आईटीबीपी में नौकरी के दौरान शहीद हुए सैनिकों समेत अन्य कारणों से हुई मौत पर आईटीबीपी के डीजी ने इन सैनिकों के परिवारों को सम्मानित किया है। सोमवार को प्रदेश में तैनात आईटीबीपी हेडक्वार्टर के डीजी ने प्रदेश भर में इन सैनिकों की मौत पर उनके परिवारों को सम्मानित किया। इसके लिए उन्होंने हेडक्वार्टर से अपने सैनिक भेज कर शहीदों के घर जाकर उनके परिवारों को उपहार भेंट किए। साथ ही इन परिवारों के दुख-दर्द को जाना। आईटीबीपी के डीजी आरके पंचनंदा की इस पहल का स्वागत किया गया है। पूर्व पैरामिल्ट्री के प्रदेश सचिव मनवीर चंद कटोच ने कहा कि आईटीबीपी के डीजी की ओर से शुरू की गई इस पहल का संगठन स्वागत करता है। उन्होंने कहा कि यह पहला मौका है जब किसी आईटीबीपी के अधिकारी ने मौत के बाद आईटीबीपी के जवानों को सम्मानित किया और उनका दुख दर्द जाना है। कटोच ने कहा कि हमारा सरकार से अनुरोध है कि आंतरिक एवं सरहदों की रक्षा, सुरक्षा और अंखडता के लिए शहादत का जाम पीने वाले पैरामिल्ट्री के शहीदों के नाम शहीद स्मारकों पर अंकित किए जाएं। साथ ही उनकी वीरगाथाओं में भी शामिल किए जाएं। जिले में आईटीबीपी में नौकरी के दौरान मरे शहीद सैनिकों के परिवारों में तमलोह में प्रेमलता, भट्ट समूला में रेश्मा देवी और आलमपुर में सरमिला को सम्मानित किया।