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पौंग बांध विस्थापितों को मिले मुआवजा
Updated Tue, 26 Sep 2017 11:39 PM IST
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जवाली (कांगड़ा)। पौंग बांध विस्थापित समिति की प्रदेश स्तरीय बैठक लोनिवि विश्रामगृह जवाली में प्रदेशाध्यक्ष हंसराज चौधरी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में पौंग विस्थापितों की समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान हाल में फतेहपुर में हाई पावर कमेटी चेयरमैन के नेतृत्व में हुई बैठक को निराशाजनक करार दिया गया।
समिति ने कहा कि फतेहपुर में हाई पावर कमेटी ने पौंग बांध विस्थापितों की समस्याएं ध्यानपूर्वक नहीं सुनीं। हंस राज ने कहा कि हाई पावर कमेटी से सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को लागू करवाने और 50 वर्षों से शोषण झेल रहे विस्थापितों को मुआवजे के तौर पर साढ़े तीन करोड़ रुपये प्रति विस्थापित देने की मांग की गई है। विस्थापितों को मूलभूत सुविधाओं से लैस जमीन देने की भी मांग रखी गई और कहा कि अगर राजस्थान में मुरब्बे अलाट नहीं करवाए जाते हैं तो मुरब्बे की कीमत पांच करोड़ रुपये मुआवजा के रूप में दी जाए। उन्होंने कहा कि मोहनगढ़, रामगढ़, नाचना, जैसलमेर के बजाय श्रीगंगानगर में जमीन दी जाए। यदि हाई पावर कमेटी इन निर्णयों को लागू करवाने में असमर्थ रहती है तो पौंग बांध विस्थापित समिति पुन: सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। इस मौके पर उपाध्यक्ष प्यारे लाल कौंडल, मुख्य सलाहकार रमेश चंद्र, महासचिव हुकुम गुलेरी, बंसी लाल, रामलोक शर्मा, मदन लाल, राजिंद्र प्रसाद, सुभाष शास्त्री, कर्म जंडौरिया, रति लाल, राम लाल, साहिब सिंह मौजूद रहे।
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समिति ने कहा कि फतेहपुर में हाई पावर कमेटी ने पौंग बांध विस्थापितों की समस्याएं ध्यानपूर्वक नहीं सुनीं। हंस राज ने कहा कि हाई पावर कमेटी से सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को लागू करवाने और 50 वर्षों से शोषण झेल रहे विस्थापितों को मुआवजे के तौर पर साढ़े तीन करोड़ रुपये प्रति विस्थापित देने की मांग की गई है। विस्थापितों को मूलभूत सुविधाओं से लैस जमीन देने की भी मांग रखी गई और कहा कि अगर राजस्थान में मुरब्बे अलाट नहीं करवाए जाते हैं तो मुरब्बे की कीमत पांच करोड़ रुपये मुआवजा के रूप में दी जाए। उन्होंने कहा कि मोहनगढ़, रामगढ़, नाचना, जैसलमेर के बजाय श्रीगंगानगर में जमीन दी जाए। यदि हाई पावर कमेटी इन निर्णयों को लागू करवाने में असमर्थ रहती है तो पौंग बांध विस्थापित समिति पुन: सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। इस मौके पर उपाध्यक्ष प्यारे लाल कौंडल, मुख्य सलाहकार रमेश चंद्र, महासचिव हुकुम गुलेरी, बंसी लाल, रामलोक शर्मा, मदन लाल, राजिंद्र प्रसाद, सुभाष शास्त्री, कर्म जंडौरिया, रति लाल, राम लाल, साहिब सिंह मौजूद रहे।
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