Kangana Ranaut : 'न घराट, न चलती फैक्टरी फिर भी एक लाख बिल, विक्रमादित्य सिंह राजा तो मुझे भी कहते हैं क्वीन'
Kangana Bijli Bill Controversy: सांसद कंगना रनौत ने कहा कि पहले पांच से छह हजार रुपये बिजली बिल आता था, अब यह एक लाख तक पहुंच गया है। उनके घर में न कोई घराट है न ही कोई फैक्टरी चलती है। उन्होंने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह पर तंज कसते हुए कहा कि अगर वे राजा बाबू हैं तो मुझे भी क्वीन कहा जाता है।
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सांसद कंगना रनौत लगातार कांग्रेस सरकार, मंत्री विक्रमादित्य सिंह और पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह पर लगातार जुबानी हमला बोल रही हैं। अपने गृह हलके सरकाघाट में जनसभाओं में कंगना ने फिर प्रदेश सरकार पर जनता को लूटने का आरोप लगाया। उन्होंने बिजली बिल पर भी तंज कसा कि पहले पांच से छह हजार रुपये बिजली बिल आता था, अब यह एक लाख तक पहुंच गया है। उनके घर में न कोई घराट है न ही कोई फैक्टरी चलती है।
'विक्रमादित्य अगर राजा बाबू हैं मुझे कहते हैं क्वीन'
अपने मनाली स्थित घर का उदाहरण देते हुए कंगना ने कहा कि एक लाख रुपये बिजली का बिल उन्हें आया है। आखिर छह बेडरूम वाले घर में जहां पर वे रहती भी बेहद कम हैं, इतना बिल क्यों दिया जा रहा है। बिजली बोर्ड का यह कारनामा समझ से बाहर है। उन्होंने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह पर तंज कसते हुए कहा कि अगर वे राजा बाबू हैं तो मुझे भी क्वीन कहा जाता है। इसलिए वे किसी से कम नहीं हैं। कंगना ने पहाड़ी बोली में भी खूब तंज कसे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने खुली लूट मचा रखी है। बिजली के बिल बढ़ा दिए। पानी के बिल और बसों के किराये बढ़ा दिए।
जनसभा में कंगना का सरकाघाट हलके से कम लीड मिलने का भी दर्द झलक गया। उन्होंने सरकाघाट के लोगों को बुद्धिमान बताया। बाद में उन्होंने सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए सांसद निधि से 25 की 50 लाख रुपये देने की घोषणा की। कंगना ने सांसद निधि को महज औपचारिकता बताया। कहा कि उन्हें बड़े प्रोजेक्ट के काम पर लगाएं।
कंगना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि प्रतिभा सिंह कहती हैं कि कंगना तीन सालों से मंडी संसदीय क्षेत्र से गायब हैं जबकि उनको सांसद बने हुए अभी मात्र आठ महीने का समय भी पूरा नहीं हुआ है। छोटे से इस कार्यकाल में वे भरमौर तक का दौरा करने के साथ चार करोड़ की धनराशि भी सांसद निधि से बांट चुकी हैं। जबकि प्रतिभा सिंह सांसद रहते हुए सांसद निधि से एक पैसा तक खर्च नहीं कर पाई हैं।