Jairam Thakur: 'विमल नेगी पर पेखूबेला सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट का कंपलीशन सर्टिफिकेट जारी करने का था दबाव'
Jairam Thakur: नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला में आयोजित प्रेसवार्ता में चीफ इंजीनियर विमल नेगी मौत मामले में सीएम सुक्खू समेत अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। पढ़ें पूरी खबर...
विस्तार
पावर कॉरपोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी मौत मामले में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि विमल नेगी पर पेखूबेला सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट की कंपलीशन सर्टिफिकेट जारी करने का दबाव था। पेखुबेला सौर ऊर्जा प्लांट में देरी के चलते नियम के अनुसार 10 फीसदी लिक्विडेशन चार्ज लगने थे। डैमेज के यह 22 करोड़ रुपए बनते थे। ऐसा न करने के बजाए सरकार ने कंपनी को 13 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया।
जयराम ठाकुर ने शिमला में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि पुलिस अधिकारियों की अंतर्कलह खुलकर सामने आ गई है। भ्रष्टाचार कांग्रेसी नेताओं के सरंक्षण के चलते अधिकारी को माध्यम बनाया गया। हाईकोर्ट में जो तमाशा हुआ। यह सबने देखा है। पुलिस अधीक्षक डीजीपी के खिलाफ बोल रहे हैं। अनुशासनहिनता के चलते हाईकोर्ट ने भी लताड़ लगाई है। डीजीपी ने जब एसपी शिमला से विमल नेगी मामले की जांच की रिपोर्ट मांगी तो नहीं दी गई। डीजीपी को साधे हाईकोर्ट में हल्फनामा देना पड़ा। एसीएस होम ओंकार शर्मा की ओर से भी हाईकोर्ट में जांच रिपोर्ट सौंपी गई। इसमें जो तथ्य सामने आए हैं, इससे उन लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। न ड्राइव पहले रिकार्ड में नहीं था। जब बात सामने आई तो रिकार्ड को फार्मेट मारा गया। सरकार के हस्तक्षेप के बिना यह संभव नहीं है। विमल नेगी की हत्या हुई है या आत्म हत्या की है। अब यह प्रश्न है। उन्होंने कहा कि क्या सीएम ने एसपी को यह अधिकार दिए हैं। उन्होंने नेताओं और अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
हिमाचल कांग्रेस सरकार भ्रष्टाचार डूब गई है!
— Jairam Thakur (@jairamthakurbjp) May 25, 2025
विमल नेगी मौत मामले के पीछे पेखुबेला सोलर पावर प्रोजेक्ट भी एक बहुत बड़ा कारण है!
इस प्रोजेक्ट को लेकर हुए करोड़ों के लेनदेन सवालों के घेरे में हैं, इस बात को हम पहले से ही कह रहे थे। pic.twitter.com/drN7rSetEz
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने एसपी शिमला संजीव गांधी एवं एडवोकेट जनरल अनूप रत्न पर कोर्ट की अवमानना का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में उच्च न्यायालय के फैसले के बाद एसपी शिमला और एडवोकेट जनरल अनूप रत्न की ओर से प्रैसवार्ता करना हाईकोर्ट के आदेशों की अवमानना है।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने विमल मौत की मौत मामले की जांच मामले में मुख्यमंत्री से इस्ताफा मांगा है। भाजपा के विधायक विधानसभा में नेगी की मौत मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रहे थे। उस समय सीएम ने झूठ बोला कि परिवार से बात हुई है, वह पुलिस की ओर से की जा रही जा पर विश्वास करते हैं। लेकिन परिजन को लग शुरू से ही इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की बात कर रहे थे।
जयराम ठाकुर ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि सरकार की ओर से पुलिस अधीक्षक को शक्तिशाली बना दिया गया है और जिस प्रकार से उन्होंने अपने उच्च अधिकारी डीजीपी के खिलाफ प्रेस वार्ता की। पुलिस के इस झगड़े के बाद अनुशासनहीनता के लिए जाना जाएगा। एडवोकेट जनरल ने भी फैसले के बाद प्रेसवार्ता की है। इस पर भी कार्रवाई की मांग की है। यह जो हुआ है आज तक हिमाचल के इतिहास में ऐसा नहीं हुआ।
- जिन अधिकारियों ने रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ की उन पर सख्त कार्रवाई हो।
- पेन ड्राइव को फॉर्मेट किया जाना, पंकज का क्या रोल है, इसकी जांच होनी चाहिए।
- सबसे बड़ा सवाल विमल नेगी की मृत्यु हत्या है या आत्महत्या ?