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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   In the event of a Ghepan Lake breach, water could reach inhabited areas within five minutes; DC conducts inspe

हिमाचल: घेपन झील फटने की सूरत ने पांच मिनट में आबादी तक पहुंच सकता पानी, डीसी ने किया निरीक्षण

Wed, 23 Sep 2026 06:28 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, केलांग (लाहौल-स्पीति)।
संवाद न्यूज एजेंसी, केलांग (लाहौल-स्पीति)। Published by: Krishan Singh Updated Wed, 23 Sep 2026 06:28 PM IST
सार

मौके की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन का आकलन है कि पानी मात्र पांच मिनट में आबादी वाले क्षेत्र तक पहुंच सकता है। यह बात उपायुक्त लाहौल-स्पीति किरण भड़ाना ने घेपन झील का निरीक्षण करने के बाद कही।

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In the event of a Ghepan Lake breach, water could reach inhabited areas within five minutes; DC conducts inspe
डीसी लाहौल-स्पीति किरण भड़ाना ने टीम के साथ किया घेपन झील का निरीक्षण। - फोटो : संवाद

विस्तार

समुद्र तल से करीब 13,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित घेपन झील का पानी अचानक नीचे आने पर करीब 22 मिनट में आबादी वाले क्षेत्र तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। हालांकि, मौके की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन का आकलन है कि पानी मात्र पांच मिनट में आबादी वाले क्षेत्र तक पहुंच सकता है। यह बात उपायुक्त लाहौल-स्पीति किरण भड़ाना ने घेपन झील का निरीक्षण करने के बाद कही। उन्हाेंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों के लिए प्रभावी निकासी योजना, नियमित जागरूकता और मॉक ड्रिल व त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।

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घेपन झील में अर्ली वार्निंग सिस्टम स्थापित होगा
प्रशासन घेपन झील में अर्ली वार्निंग सिस्टम स्थापित करने की दिशा में भी काम कर रहा है। इससे झील के जलस्तर समेत अन्य महत्वपूर्ण मानकों की लगातार निगरानी और संभावित खतरे की स्थिति में समय रहते चेतावनी जारी करने में मदद मिलेगी। सी-डैक तिरुवनंतपुरम की ओर से विकसित प्रणाली का सिस्सू झील में परीक्षण किया जा चुका है।

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भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण कर चुकी झील का अध्ययन
भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की विशेषज्ञ टीम भी झील और आसपास के क्षेत्र का अध्ययन कर चुकी है। निरीक्षण दल में परियोजना अधिकारी आईटीडीपी अश्वनी कुमार, उप वन क्षेत्रपाल लीला मणि, चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुषमा, डॉ. विक्रांत नेगी, बीआरओ 94 आरसीसी के प्रभारी कैप्टन हरिओम शरण, अग्निशमन केंद्र केलांग के प्रभारी रतन चंद, होमगार्ड फायरमैन छेरिंग आंगरुप, जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता पंकज महाजन व अजीत सिंह शामिल रहे।

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