फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   If the orders of Himachal High Court are not followed then departments will be fined

Himachal: कोर्ट के आदेश न माने तो विभागों पर लगेगा जुर्माना; शिक्षा विभाग पर लगी कॉस्ट; जानें पूरा मामला

Sun, 27 Oct 2024 10:54 AM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Sun, 27 Oct 2024 10:54 AM IST
सार

अगर हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना नहीं की गई तो संबंधित विभाग पर जुर्माना लगाया जाएगा। क्या है पूरा मामला पढ़ें पूरी खबर...

विज्ञापन
If the orders of Himachal High Court are not followed then departments will be fined
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को सभी विभागों को अदालत के आदेशों की अनुपालना करने से संबंधित निर्देश जारी करने को कहा है। कई विभाग अदालत में जवाब दायर करने में आनाकानी कर रहे हैं और कुछ बहुत देरी से दे रहे हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सत्येन वैद्य की अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए विभागों को चेतावनी जारी करते कहा कि अगर आदेशों की अनुपालना नहीं की गई तो संबंधित विभाग पर जुर्माना लगाया जाएगा।

विज्ञापन


एक अन्य मामले में न्यायाधीश ज्योत्सना रिवॉल दुआ की अदालत ने शिक्षा विभाग को कड़ी चेतावनी दी है कि अगर आदेशों की अनुपालना नहीं की गई तो उसे कॉस्ट लगाई जाएगी। दुआ की अदालत ने शिक्षा विभाग पर 5 मामलों में बीस-बीस हजार रुपये कॉस्ट लगाई है। जुर्माने की राशि को याचिकाकर्ता को देने को कहा है। प्रार्थियों ने अदालत से ताज मोहम्मद के मामले में पारित निर्णय के आधार पर उनकी अनुबंध की तिथि से वरिष्ठता व अन्य लाभ देने की गुहार लगाई थी। हाईकोर्ट ने मामले में शिक्षा विभाग को आदेश पारित कर दिए थे।
विज्ञापन


निलंबित डीएफओ को पदोन्नति के साथ बहाल करने के आदेश 
विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की ओर से नाम की सिफारिश भेजने के बाद कर्मचारियों की पदोन्नति रोकना आसान नहीं होगा। हाईकोर्ट ने एफआईआर दर्ज होने के बाद निलंबित जिला अग्निशमन अधिकारी (डीएफओ) को पदोन्नति के साथ बहाल करने का फैसला सुनाया है। याचिकाकर्ता को विभाग में डीएफओ के पद पर पदोन्नत किया गया था। 28 सितंबर 2022 को डीपीसी की सिफारिश के बाद याचिकाकर्ता को डीएफओ के पद पर पदोन्नत किया गया। उसके अगले ही दिन 29 सितंबर को रिश्वत मांगने के मामले में विभाग को उपकरण सप्लाई करने वाले एक व्यक्ति ने उन पर एफआईआर दर्ज करवाई। 30 को विभाग ने याचिकाकर्ता की पदोन्नति रोक दी और उसे सेवाओं से भी निलंबित कर दिया। इसी फैसले के खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

अतिक्रमण पर कार्रवाई न की तो अफसर बर्खास्त : हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर शिमला-कालका  के बीच हो रहे अवैध अतिक्रमण को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। जनहित याचिका का निपटारा कर करते हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि इस मार्ग पर दोबारा अतिक्रमण न हो। अगर संबंधित अधिकारी को सूचना मिले कि फिर से किसी भी व्यक्ति ने अनाधिकृत निर्माण और अतिक्रमण किया है तो उसके खिलाफ वह तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करें। सूचना मिलने के बाद अधिकारी अगर समय पर कार्रवाई  नहीं करेंगे तो उनको बर्खास्त किया जाएगा और उनके खिलाफ विभागीय करवाई के साथ-साथ आपराधिक मामला भी दायर होगा।    

जनहित याचिका का निपटारा न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश राकेश कैथला की खंडपीठ ने किया।  टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के निदेशक ने अदालत के 22 दिसंबर 2023 और 26 मार्च 2024 के आदेशों का अनुपालन करने पर 17 मई 2024 को हाईकोर्ट में हलफनामा दायर किया है। इसमें उन्होंने कहा था कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर जो भी अवैध निर्माण और अतिक्रमण किया गया है, उसे हटा दिया गया है।  अदालत ने कहा कि ऐसे सभी मामलों को 31 मार्च 2025 तक  समाप्त करने के आदेशों का अनुपालन करने को कहा है। बता दें कि वर्ष 2014 में राष्ट्रीय राजमार्ग की सड़क पर गैर तरीके से अतिक्रमण, अवैध निर्माण और अनाधिकृत पार्किंग के कारण यातायात में बाधा उत्पन्न हो रही थी। 

हाईकोर्ट ने इस पर कड़ा संज्ञान लिया था। हाईकोर्ट ने संबंधित विभागों को प्रतिवादी बनाया था। जनहित याचिका के लंबित रहने के दौरान कुछ अन्य निजी व्यक्तियों को भी पार्टी बनाया गया था। संबंधित विभागों की ओर से पहले दायर हलफनामों में कहा गया था कि शिमला कालका राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे अतिक्रमण,  बडोग कसौली सड़क के किनारो पर अवैध निर्माण और जाबली में भी अवैध निर्माण पाया गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed