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HRTC Employees Strike: एचआरटीसी कर्मियों की हड़ताल टली, सरकार के साथ बैठक में मांगों पर बनी सहमति

Wed, 24 Jun 2026 07:08 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Wed, 24 Jun 2026 07:08 PM IST
सार

 एसीएस (परिवहन) आरडी नजीम के साथ करीब तीन घंटे चली बैठक के दाैरान मांगों पर सहमति बनने के बाद एचआरटीसी की चालक-परिचालक यूनियन ने हड़ताल पर जाने का  फैसला वापस लिया।

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HRTC Employees Strike:  Meeting underway between the govt and employees
बैठक के बाद एचआरटीसी कर्मियों ने वापस ली हड़ताल। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के चालक-परिचालकों ने हड़ताल पर जाने का फैसला वापस ले लिया है। बुधवार को एसीएस (परिवहन) आरडी नजीम के साथ करीब तीन घंटे चली बैठक के दाैरान मांगों पर सहमति बनने के बाद यूनियन ने अपना फैसला वापस लिया। बता दें, चालक-परिचालकों ने बुधवार मध्यरात्रि से बस सेवाएं बंद कर हड़ताल पर जाने का एलान किया था। इसको देखते हुए राज्य सरकार ने बुधवार से प्रदेश में अस्थायी चालकों की भर्ती भी शुरू कर दी थी, लेकिन चालक-परिचालकों की हड़ताल वापसी के बाद अब इन अस्थायी चालकों को पूल में रखा जाएगा।

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12 महीने का लंबित नाइट ओवरटाइम दिया जाएगा

राज्य सचिवालय में हुई बैठक में फैसला किया गया कि चालक-परिचालकों को 12 महीने का लंबित नाइट ओवरटाइम जल्द दिया जाएगा जबकि जुलाई से ओवरटाइम भत्ता हर महीने नियमित रूप से देने पर सहमति बनी है। इस दाैरान, चालक-परिचालकों के कुछ तबादला आदेशों को लेकर भी चर्चा हुई। राज्य सरकार ने कर्मचारियों की आपत्तियों को देखते हुए इन तबादला आदेशों को रद्द करने पर सहमति जताई है। इस निर्णय से प्रभावित कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। वार्ता के बाद यूनियन पदाधिकारियों ने प्रदेश के सभी डिपो में अपने प्रतिनिधियों और सदस्यों को हड़ताल न करने के निर्देश जारी किए। चालक यूनियन के अध्यक्ष मान सिंह ने कहा कि सरकार ने उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया है, इसलिए हड़ताल वापस ले ली गई है। अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी नजीम ने बताया कि चालक-परिचालकों की अधिकांश मांगें मान ली गई हैं।

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इन मांगों पर बनी सहमति

 7.10 करोड़ के चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों को गुरुवार जारी करने का निर्णय लिया गया है। 1.5 करोड़ का वर्दी भत्ता 10 दिन में जारी करने, कर्मचारियों को नई वर्दी एक महीने में उपलब्ध करवाने पर सहमति बनी है। इसके 4-9-14 एसीपी योजना में विकल्प में छूट का मुद्दा वित्त विभाग के साथ उठाया जाएगा, एचआरटीसी 15 दिन के भीतर सरकार के साथ मेडिपर्सन अधिनियम का मुद्दा भी उठाएगी, एचआरटीसी की राइड विद प्राइड, अन्य हल्के वाहन चलाने वाले चालकों के लिए विशेष वेतन, 150 किलोमीटर लंबे रूट की बसों में परिचालकों के लिए सामने की सीट का मुद्दा, चालकों के अलग ड्यूटी इंचार्ज के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाने पर भी सहमति बनी है।

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साक्षात्कार में पास चालक पूल में रहेंगे, 9200 ने दिए साक्षात्कार

चालक-परिचालकों के हड़ताल के फैसले के बीच बुधवार को राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी डिपुओं में अस्थायी चालकों की भर्ती की। 656 अस्थायी पदों के लिए सभी डिपो में 9200 बेरोजगार सुबह ही डिपो में साक्षात्कार देने पहुंचे गए। हालांकि, चालक-परिचालकों के हड़ताल से पीछे हटने के बाद अब राज्य सरकार इन अस्थायी चालकों को फिलहाल पूल में रखेगी। राज्य सरकार का कहना है कि जब भी एचआरटीसी को चालकों की जरूरत पड़ेगी तो उन्हें बुलाया जाएगा।

एचआरटीसी चालक यूनियन के अध्यक्ष मान सिंह ने ये कहा

एचआरटीसी चालक यूनियन के अध्यक्ष मान सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की सभी मांगें तो नहीं मानी गईं लेकिन सरकार की वित्तीय स्थिति को देखते हुए यूनियन ने भी समझाैता किया है। कहा कि सहमति बनी है कि 12 महीनों का करीब 25 करोड़ बकाया नाइट ओवर टाइम एक सप्ताह के अंदर दिया जाएगा।  सरकार ने वेतन भी पहली तारीख को देने की बात की गई। प्रबंधन ने इन सभी मांगों को माना है। ओवर टाइम आगे से हर महीने देने की सहमति बनी है। कहा कि अब हड़ताल पर नहीं जाएंगे।

नाहन में चालकों की भर्ती पर अभ्यर्थियों ने उठाए सवाल

उधर, एचआरटीसी की नाहन कर्मशाला में बुधवार को आयोजित चालक भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों ने सवाल उठाए हैं। भर्ती में शामिल होने पहुंचे उम्मीदवारों ने आरोप लगाया कि सभी अभ्यर्थियों को ड्राइविंग टेस्ट का अवसर नहीं दिया गया, जिससे उनमें रोष है। अभ्यर्थियों का कहना है कि जिला सिरमौर के दूरदराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में उम्मीदवार भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने पहुंचे थे। सुबह निगम प्रबंधन की ओर से सभी अभ्यर्थियों के आवेदनपत्र जमा करवा लिए गए, लेकिन बाद में केवल सीमित संख्या में उम्मीदवारों का ही ड्राइविंग टेस्ट लिया गया। उम्मीदवारों के अनुसार 50 से अधिक चालकों की ट्राई लेने के बाद भर्ती प्रक्रिया को बंद कर दिया गया। इससे कई अभ्यर्थी बिना टेस्ट दिए ही वापस लौटने को मजबूर हुए। उन्होंने मांग उठाई कि या तो सभी पात्र अभ्यर्थियों का ड्राइविंग टेस्ट लिया जाए या फिर पूरी भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर दोबारा पारदर्शी तरीके से आयोजित किया जाए। अभ्यर्थियों ने कहा कि दूरदराज क्षेत्रों से भर्ती में शामिल होने के लिए उन्होंने समय और धन खर्च किया है। ऐसे में सभी उम्मीदवारों को समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने निगम प्रबंधन से मामले में उचित निर्णय लेने और शेष अभ्यर्थियों को भी ड्राइविंग टेस्ट का अवसर देने की मांग की है। उधर, भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों की ओर से उठाए गए सवालों के बाद निगम प्रबंधन के रुख पर भी सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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