HPU Shimla: जर्मन, रशियन भाषा सीखने में बढ़ा क्रेज, सर्टिफिकेट कोर्स के लिए इतने विद्यार्थियों ने किया आवेदन
एचपीयू में विद्यार्थी जर्मन और रशियन भाषा को पढ़ने में काफी रूचि दिखा रहे हैं। छह माह के सर्टिफिकेट कोर्स इन जर्मन में 55, रशियन कोर्स में प्रवेश के लिए 38 विद्यार्थियों ने आवेदन किया है।
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हिमाचल के युवाओं में विदेशी भाषाओं को सीखने का क्रेज लगातार बढ़ रहा है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) में शुरू किए गए 26 शॉर्ट टर्म कोर्सों में सबसे ज्यादा रुचि विद्यार्थियों ने जर्मन और रशियन भाषा को पढ़ने में दिखाई है।
छह माह के सर्टिफिकेट कोर्स इन जर्मन में 55, रशियन कोर्स में प्रवेश के लिए 38 विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत एचपीयू इस बार शॉर्ट टर्म कोर्स नए पाठ्यक्रमों के साथ शुरू कर रहा है ताकि डिग्री के साथ-साथ छात्र ये कोर्स कर अपनी योग्यता बढ़ा सके। इसके लिए विवि की ओर से छात्रों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। जिन कोर्स में 5 से कम आवेदन आए हैं, उनकी पढ़ाई शुरू करने को लेकर अभी फैसला नहीं लिया गया है।
बताया जा रहा है कि छह से अधिक सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और पीजी डिप्लोमा कोर्स ऐसे हैं, जिनमें पांच से भी कम आवेदन मिले हैं। इनमें डिप्लोमा कोर्स अधिक हैं। जिनमें 5 से अधिक आवेदन मिले हैं उनमें हिमाचल विश्वविद्यालय पढ़ाई जल्द शुरू करवाएगा।
एचपीयू के अधिष्ठाता अध्ययन ने माना कि कुछ डिप्लोमा और पीजी डिप्लोमा कोर्स के लिए कम आवेदन आए हैं। पहली बार रोजगार बाजार की मांग को देखते हुए नए और कुछ पुराने कोर्स के पाठ्यक्रमों को अपडेट कर शॉर्ट टर्म कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। पूर्व में न्यूनतम 10 आवेदन आने पर कोर्स शुरू करने का फैसला लिया गया था, मगर इस बार पहली दफा कोर्स शुरू किए जाने की स्थिति को देखते हुए पांच से दस आवेदन पर कोर्स के बैच बिठाए जाएंगे।
किस कोर्स में कितने आए आवेदन
सर्टिफिकेट कोर्स इन बी कीपिंग में तीन, भोटी भाषा में 21, पर्यावरण अर्थशास्त्र में 5, पर्यावरण विज्ञान में 12, फोरेंसिक साइंस में 14, इंडियन नॉलेज सिस्टम में 7, माइक्रोबायोलॉजी में 4, मशरूम फार्मिंग में 11, पापुलेशन स्टडीज में 5, पब्लिक पॉलिसी एंड ग्रीवेंस सर्टिफिकेट कोर्स में 10, रि-थिंकिंग डेवलपमेंट इशू एंड चैलेंजिंग में 3, सोशल वर्क में 8, अंडरस्टैंडिंग ह्यूमन राइट्स में 11, वैदिक मैथमेटिक्स में 2 ने आवेदन किया है। वहीं, डिप्लोमा इन बायोटेक्नोलॉजी में 12, लोक साहित्य में 18, पीजी डिप्लोमा इन पौराणिक भारतीय गणित में 2, पीजी डिप्लोमा इन तबला में 21, पुनर्वास मनोविज्ञान कोर्स में प्रवेश के लिए 9 ने आवेदन किया है।