फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   HP High Court Petition of cooperative bank dismissed order to give pension to former employee

HP High Court: सहकारी बैंक की याचिका खारिज, पूर्व कर्मचारी को पेंशन देने का आदेश; जानें पूरा मामला

Sat, 18 Oct 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Sat, 18 Oct 2025 05:00 AM IST
सार

राज्य सहकारी बैंक की ओर से 11 साल की देरी के बाद दायर याचिका को खारिज करते हुए हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पूर्व कर्मचारी को पेंशन योजना का लाभ देने का आदेश दिया है। जानें पूरा मामला...

विज्ञापन
HP High Court Petition of cooperative bank dismissed order to give pension to former employee
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सहकारी बैंक की ओर से 11 साल की देरी के बाद दायर याचिका को खारिज करते हुए पूर्व कर्मचारी को पेंशन योजना का लाभ देने का आदेश दिया है। न्यायाधीश संदीप शर्मा की अदालत ने याचिकाकर्ता बैंक को निर्देश दिया कि चूंकि प्रतिवादी लंबे समय से अपने हक के लिए लड़ रहा है। ऐसे में बैंक चार सप्ताह के भीतर प्रतिवादी द्वारा अंशदान जमा करने की तारीख से उसे योजना की सदस्यता प्रदान करने के लिए आवश्यक कार्यवाही करे।

विज्ञापन

न्यायालय ने अतिरिक्त रजिस्ट्रार और अवर सचिव (सहकारिता) के फैसलों को सही ठहराया, जिनमें प्रतिवादी को योजना के तहत पात्र माना गया था। न्यायालय ने पाया कि 1 जनवरी 1996 को प्रतिवादी बघाट बैंक में प्रतिनियुक्ति पर होते हुए भी याचिकाकर्ता बैंक का नियमित कर्मचारी था और बैंक के रोल्स पर था। योजना के तहत सेवा की परिभाषा में प्रतिनियुक्ति पर किसी अन्य संस्था में की गई सेवा भी शामिल है। यह याचिका सहकारी बैंक ने अपने एक निजी प्रतिवादी पूर्व कर्मचारी को बैंक की कर्मचारी अंशदायी पेंशन योजना 2003 (इंप्लाइज कंट्रीब्यूशन पेंशन स्कीम 2003) में शामिल करने के खिलाफ दायर की गई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

बैंक ने अतिरिक्त रजिस्ट्रार (मॉनिटरिंग) कोऑपरेटिव सोसायटीज के 7 अगस्त 2007 के फैसले और अवर सचिव (सहकारिता) के 25 जून 2011 के अपीलीय आदेश को चुनौती दी थी। निजी प्रतिवादी प्रेम चंद कश्यप ने 1975 में बैंक में कैशियर-सह-क्लर्क के रूप में काम शुरू किया था। वह अक्तूबर 1988 से 31 दिसंबर 1996 तक बघाट अर्बन कोऑपरेटिव बैंक सोलन में प्रतिनियुक्ति पर थे और 1 जनवरी 1997 से वहां स्थायी रूप से समाहित हो गए। बैंक ने वर्ष 2003 से पेंशन योजना शुरू की, लेकिन इसे 1 जनवरी 1996 से प्रभावी माना गया। योजना के क्लॉज तीन (सदस्यता) के अनुसार 1 जनवरी 1996 को बैंक के रोल्स पर सभी कर्मचारी योजना के लिए पात्र हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed