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Himachal High Court: बड़ौली पर आरोप लगाने वाली महिला को मीडिया में बयान देने से परहेज करने के आदेश, जानें
Fri, 25 Jul 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Fri, 25 Jul 2025 05:00 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश अजय मोहन गोयल ने याचिकाकर्ता मोहन लाल बड़ौली की तरफ से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए आरोप लगाने वाली महिला को मीडिया में बयान देने से परहेज करने का आदेश दिया है।
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने हरियाणा भाजपा अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला को मीडिया में बयान देने से परहेज करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट के न्यायाधीश अजय मोहन गोयल ने याचिकाकर्ता मोहन लाल बड़ौली की तरफ से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिए। कोर्ट ने बड़ौली की तरफ से दाखिल आवेदन पर महिला को नोटिस जारी किया है।
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हाईकोर्ट ने कहा कि अदालत फिलहाल प्रतिवादी महिला को अंतरिम राहत के लिए दायर आवेदन में की गई प्रार्थनाओं के संदर्भ में रोक नहीं रही है, फिर भी ये आदेश दिया जाता है कि अगली सुनवाई की तिथि तक प्रतिवादी महिला न्यायिक आदेशों से परे कोई भी बयान मीडिया में देने से परहेज करेगी। गौरतलब है कि एक महिला ने मोहन लाल बड़ौली और गायक रॉकी मित्तल पर कसौली में दुष्कर्म के आरोप लगाए गए थे। महिला के अनुसार, घटना तीन जुलाई 2023 को हुई थी। कसौली में मामला 13 दिसंबर 2024 को दर्ज किया गया। बड़ौली ने आरोपों को खारिज किया है।
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हिमाचल पुलिस ने मामले की जांच के बाद ठोस सुबूतों के अभाव में कसौली कोर्ट में कैंसिलेशन रिपोर्ट जमा की। कसौली कोर्ट ने 12 मार्च को रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया था। कसौली कोर्ट के रिपोर्ट स्वीकार करने के खिलाफ महिला ने सोलन की कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। सोलन न्यायालय ने याचिका को स्वीकार कर लिया और मामला फिर से कसौली कोर्ट को सुनवाई के लिए भेज दिया गया था। इस पर मोहन लाल बड़ौली ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर महिला को मीडिया में उनके खिलाफ दुष्प्रचार से रोकने की मांग की है। बड़ौली ने कहा कि महिला द्वारा इसे मीडिया ट्रायल बनाया जा रहा है, जिससे समाज में उनके सम्मान को ठेस पहुंच रही है।
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