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Himachal News: हाईकोर्ट ने कहा- चतुर्थ श्रेणी को अनुकंपा आधार पर नौकरी मृत्यु के समय प्रचलित नीति के तहत दें
Wed, 12 Mar 2025 08:54 PM IST
अंकेश डोगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Wed, 12 Mar 2025 08:54 PM IST
सार
हिमाचल हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता की सेवाओं को उसकी प्रारंभिक नियुक्ति की तिथि के साथ अन्य सभी वित्तीय लाभ दिए जाएं। जानें पूरा मामला...
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
हिमाचल हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को अनुकंपा के आधार पर नौकरी मृत्यु के समय प्रचलित नीति के तहत देने के निर्देश दिए हैं। न्यायाधीश संदीप शर्मा की अदालत ने विभाग को दो माह के भीतर मामले पर नए सिरे से विचार करने को कहा। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता की सेवाओं को उसकी प्रारंभिक नियुक्ति की तिथि के साथ अन्य सभी वित्तीय लाभ दिए जाएं।
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प्रदेश में वर्ष 2018 तक चतुर्थ श्रेणी में कार्यरत दैनिक वेतन भोगियों को अनुकंपा आधार पर नौकरी देने के प्रावधान नहीं थे। सरकार ने वर्ष 2019 में सबसे पहले दैनिक वेतन भोगियों को भी करुणामूलक आधार पर नौकरी देने के लिए नीति संशोधित की। याचिका में दो पहलू मुख्य रूप से दर्शाए। पहला यह कि याचिकाकर्ता सविता बीबी के पति की मौत वर्ष 2018 में हो गई। इसके आधार पर जो नीति प्रचलित होती है, उसी के तहत सरकार करुणामूलक नौकरी देती है।
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दूसरा यह कि क्योंकि याचिकाकर्ता के पति 2009 से बतौर डेलीवेजर चालक थे। जब उनकी मौत हुई तो उस समय उसके पति को काम करते हुए 8 साल हो चुके थे। आठ वर्ष की सेवा पूरी होने पर सभी परिणामजन्य लाभों के साथ नियमित किया जा सके। याचिकाकर्ता का कहना है कि अनुकंपा आधार पर नियमित नियुक्ति होनी चाहिए थी, लेकिन विभाग ने उसे दैनिक वेतन के आधार पर नियुक्ति दी। याची ने 2019 की नीति के तहत नियुक्ति और डेलीवेजर को कोर्ट में चुनौती दी थी। इसी पर न्यायालय ने यह निर्णय दिया है।
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