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HP High Court: माजरा हिंसा मामले में बिंदल और सुखराम को सशर्त अग्रिम जमानत; अनुमति के बिना नहीं जा सकते विदेश

Fri, 18 Jul 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Fri, 18 Jul 2025 05:00 AM IST
सार

माजरा हिंसा मामले में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और पांवटा साहिब से विधायक सुखराम चौधरी समेत तीन अन्य हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिली है। पढ़ें पूरी खबर...

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HP High Court Bindal and Sukhram get conditional anticipatory bail in Majra violence case
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और पांवटा साहिब से विधायक सुखराम चौधरी समेत तीन अन्य को अग्रिम जमानत दे दी है। इन पर सिरमाैर जिला के माजरा थाना क्षेत्र के तहत धारा 163 का उल्लंघन का आरोप है। हाईकोर्ट के न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह ने 50,000 रुपये के निजी मुचलके के साथ सशर्त अग्रिम जमानत देते हुए बिंदल व सुखराम को जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए हैं। एकल पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता अदालत की अनुमति के बिना विदेश नहीं जा सकते और किसी भी गवाह को प्रभावित करने का काम नहीं करेंगे। अदालत में स्पष्ट किया है कि इन शर्तों के उल्लंघन पर राज्य सरकार जमानत रद्द करने के लिए उचित आवेदन दाखिल करने के लिए स्वतंत्र होगी।

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सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने अग्रिम जमानत का विरोध करते हुए कहा कि मामले की गंभीरता और समाज पर इसके संभावित प्रभावों को देखते हुए आरोपियों को राहत नहीं दी जानी चाहिए। पुलिस ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि भीड़ को भड़काने में इन व्यक्तियों की भूमिका थी। पुलिस ने बताया कि 13 जून को हुए पथराव के बाद डॉ. बिंदल ने 14 जून को प्रदर्शन का एलान किया था, जिससे सांप्रदायिक तनाव और बढ़ने की आशंका थी।
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यह मामला 13 जून को माजरा पुलिस स्टेशन में एफआईआर से संबंधित है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया था, जिसमें पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई थीं। याचिकाकर्ताओं में डॉ. राजीव बिंदल, सुखराम चौधरी, अलका रानी, आशीष छतरी और इतिंदर ने अपनी गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए अदालत से अग्रिम जमानत मांगी थी। उन्होंने तर्क दिया कि उन्हें राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण झूठा फंसाया गया है और उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है।

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