HP Board: समय पर अंक न भेजने पर स्कूलों को लगेगा 500 रुपये प्रति छात्र जुर्माना, इनकी छुट्टियां की हैं रद्द
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने फैसला लिया है कि छात्रों के व्यावहारिक और आंतरिक मूल्यांकन अंक समय पर न भेजने वाले स्कूलों को 100 के बजाय 500 रुपये प्रति छात्र के हिसाब से जुर्माना देना होगा। पढ़ें पूरी खबर...
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हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने छात्रों के व्यावहारिक और आंतरिक मूल्यांकन (आईएनए) अंक समय पर न भेजने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। अब ऐसी लापरवाही पर स्कूलों को 100 के बजाय 500 रुपये प्रति छात्र के हिसाब से जुर्माना देना होगा।
बोर्ड ने यह फैसला हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड अधिनियम 1968 की धारा 19(3) के तहत दी गईं शक्तियों का प्रयोग करते हुए लिया है। बोर्ड का कहना है कि कई स्कूल निर्धारित समय सीमा के भीतर छात्रों के अंक बोर्ड को नहीं भेजते। इससे परीक्षा परिणाम समय पर जारी नहीं हो पाते। लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों की वजह से शिक्षा बोर्ड को परीक्षा परिणाम निकालने में भी असर पड़ रहा था। बोर्ड सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि कुछ प्रधानाचार्य, शिक्षक और स्कूल प्रमुख समय पर प्रैक्टिकल और आईएनए अंक नहीं भेजते। ऐसे में कई छात्रों का परिणाम आरएलडी (परिणाम देर से आना) या आरएलई (परिणाम देर से पात्रता) के रूप में घोषित करना पड़ता है। बाद में जब अंक मिलते हैं तो बोर्ड को अलग से प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है, जिससे अन्य कार्य प्रभावित होते हैं।
डॉ. विशाल शर्मा ने बताया कि अंतिम परिणाम तैयार करते समय पारदर्शिता बनाए रखने और समय पर परिणाम घोषित करने के लिए यह कदम जरूरी हो गया था। अब से अगर कोई स्कूल, अधिकारी, कर्मचारी, प्रधानाचार्य, संस्था प्रमुख और संबंधित शिक्षक तय समय पर छात्रों के अंक नहीं भेजता तो उसे 500 रुपये प्रति छात्र के हिसाब से जुर्माना देना होगा।
हिमाचल प्रदेश में शिक्षा विभाग ने 18 अगस्त से लेकर 2 सितंबर तक सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी है। विधानसभा के मानसून सत्र के मद्देनजर उच्च और स्कूल शिक्षा निदेशालय ने शनिवार को इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। विभागीय आदेशों के अनुसार अधिकारियों और कर्मचारियों को रविवार सहित अन्य छुट्टियों के दौरान भी दफ्तर बुलाया जा सकता है। सुबह 8 से रात 8 बजे तक अफसरों को दफ्तर में रहना अनिवार्य होगा। वहीं, विधानसभा में शिक्षा विभाग से संबंधित सभी प्रश्नों के त्वरित उत्तर देने की भी जिम्मेदारी अधिकारियों पर होगी। शिक्षा निदेशालय ने यह सुनिश्चित करने के लिए आदेश दिए हैं कि विभाग से संबंधित हर सवाल का जवाब तैयार किया जाए। विभाग की हर शाखा में कम से कम एक अधिकारी रोज दफ्तर में मौजूद रहेगा।
अतिरिक्त निदेशक प्रशासन, काॅलेज, स्कूल उच्च शिक्षा के संयुक्त निदेशक, फाइनेंस एंड अकाउंट के संयुक्त निदेशक, सह निदेशक, उच्च शिक्षा के सभी उपनिदेशक, सरकारी काॅलेजों के प्रिंसिपल, एनसीसी कमांडर, चीफ लाइब्रेरियन सेंट्रल स्टेट लाइब्रेरी सोलन, प्रारंभिक शिक्षा के उपनिदेशक और प्रिंसिपल डाइट की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। इन अधिकारियों के तहत काम करने वाले कर्मचारियों को भी छुट्टियां नहीं मिलेंगी।
विभाग ने अधिकारियों से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मांगी हैं, जिनमें विभागीय पदों की स्थिति, रिक्त पदों, पदोन्नति, स्कूलों और काॅलेजों के निरीक्षण की जानकारी शामिल है। वहीं, नए स्कूलों-काॅलेजों की स्थिति और सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं का स्टेटस शामिल है।