HP Assembly Monsoon Session: 'हिमाचल में बंद नहीं हुई हिमकेयर, सुधार कर रहे, पूर्व सरकार ने की भारी धांधलियां'
HP Assembly Monsoon Session : भाजपा विधायक विनोद कुमार और रणधीर शर्मा ने मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान हिमकेयर योजना का लाभ न मिलने का आरोप लगाया। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में हिमकेयर योजना बंद नहीं हुई है बल्कि इसमें सुधार किया जा रहा है। पूर्व सरकार ने योजना में भारी धांधलियां की हैं।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में हिमकेयर योजना बंद नहीं हुई है बल्कि इसमें सुधार किया जा रहा है। पूर्व सरकार ने योजना में भारी धांधलियां की है। इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी सदस्यों ने सदन में नारेबाजी की और नाराजगी जताते हुए सदन से बाहर चले गए। भाजपा विधायक विनोद कुमार और रणधीर शर्मा ने मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान हिमकेयर योजना का लाभ न मिलने का आरोप लगाया। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि 550 करोड़ की लंबित राशि का भुगतान कर दिया गया है। भाजपा ने निजी क्लीनिकों को योजना के तहत लाभ पहुंचाया। हिमकेयर के घोटाले उजागर न हो, इसके लिए विपक्ष अब सदन से बाहर चला गया है।
मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार की कार्यवाही शुरू होते ही सोमवार को बना गतिरोध टूट गया। सोमवार को सदन का सारा काम रोककर स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा की गई, वहीं दूसरे दिन मंगलवार को 11 बजे सदन की बैठक की शुरुआत प्रश्नकाल से हुई। हिमकेयर योजना का लाभ मरीजों को न देने का प्रश्न उठाते हुए विपक्ष ने मंत्री के जवाब से असंतोष जताकर हंगामा शुरू किया। इसके बाद विपक्ष सदन से बाहर चला गया। नाचन के भाजपा विधायक विनोद कुमार ने हिमकेयर योजना से संबंधित प्रश्न उठाया। उन्होंने एम्स सहित सभी मेडिकल कॉलेजों में हिमकेयर योजना के माध्यम से इलाज की व्यवस्था होने की बात की गई है, मगर मरीजों का इलाज नहीं हो रहा है। भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि योजना के तहत 365 करोड़ की धनराशि लंबित है। लंबित धनराशि कब तक जारी की जाएगी। जिन 25 अस्पतालों को डायलिसिस की सुविधा के लिए हिमकेयर सुविधा शुरू की है, उसके लिए क्या प्रावधान रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने जवाब देते हुए विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों को जारी धनराशि का ब्योरा दिया। विपक्ष ने स्वास्थ्य मंत्री के जवाब पर असंतोष जताया। स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल जब इस मुद्दे पर घिर गए तो मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को जवाब देने के लिए खड़े होना पड़ा। इस बीच विपक्षी सदस्य हंगामा करते हुए सदन से बाहर चले गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि काफी देर से विपक्ष में गुटबाजी शुरू हो गई थी। ये जवाब सुनना नहीं चाह रहे हैं। हिमकेयर योजना को अस्पताल चलाने के लिए लागू किया गया। गॉल ब्लैडर की जो सर्जरी 11 से 15 हजार रुपये में हो जाती है, उसके लिए हिमकेयर ने जो पैकेज दिया, वह बहुत बड़ा घोटाला है। योजना का लाभ कौन लोग उठा रहे हैं। इसमें भाई-भतीजावाद किया गया। निजी लोगों को लाभ देने के लिए पूर्व सरकार ने योजना चलाई। गरीबों के इलाज के लिए सरकार हमेशा तत्पर है। हिमकेयर योजना को बंद नहीं कर रहे, आगे बढ़ रहे हैं। हिमकेयर योजना का बजट पिछले महीने भी जारी किया गया है। किसी का भी इलाज योजना में नहीं रोका जाएगा। योजना के नाम पर पूर्व सरकार के समय में हुए भ्रष्टाचार की परत दर परत खोली जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नेरचौक में पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने एमआरआई मशीन सरकारी अस्पताल में नहीं लगाई। प्राइवेट क्लीनिक में मशीन लगवाकर किसी और को ही लाभ पहुंचाया। प्रदेश सरकार के सभी मेडिकल कॉलेज व अस्पतालों में अगले वर्ष हाई एंड मेडिकल टेक्नोलॉजी मिलना शुरू हो जाएगी। सरकार ने अस्पतालों में ऑटोमेटिक लैब स्थापित करने के लिए 75 करोड़ रुपये स्वीकृत किए। रोबोटिक सर्जरी भी अब हिमाचल में शुरू हो गई है।
भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने मंगलवार को सदन में मामला उठाया कि एक कांग्रेस नेता ने परिसर में पत्रकार वार्ता की है, जो विधायक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पिछली बार भी एक पूर्व विधायक यहां पर प्रेस वार्ता करके चले गए थे। उन्होंने कहा कि इसके लिए जिम्मेवार लोगों पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने इसकी मंजूरी देने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई करने को कहा। वहीं, हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि विधानसभा परिसर में विधायकों को छोड़कर कोई प्रेस वार्ता नहीं कर सकता है। इस प्वाइंट ऑफ ऑर्डर पर एक्शन लिया जाएगा। जो दोषी होंगे, उन्हें दंडित किया जाएगा। वह व्यवस्था के प्रश्न के तहत कार्रवाई करेंगे।