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Sirmaur Shillai Protest: अब सिरमौर के शिलाई में प्रदर्शन, वक्फ बोर्ड को भंग करने की मांग
Sun, 22 Sep 2024 10:53 AM IST
अंकेश डोगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Sun, 22 Sep 2024 10:53 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के शिलाई में देवभूमि संघर्ष समिति के सौजन्य से शनिवार को प्रदेश में अवैध घुसपैठियों को लेकर विशाल विरोध प्रदर्शन किया गया।
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शिलाई में हिंदू संगठनों का विरोध प्रदर्शन।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
शिमला, मंडी और नेरवा में मस्जिदों में हुए अवैध निर्माण के खिलाफ भड़की विरोध की चिंगारी सिरमौर पहुंच गई है। शनिवार को शिलाई में देवभूमि संघर्ष समिति के बैनर तले सैकड़ों लोग सड़क पर उतरे और जिले के भीतर बिना पंजीकरण रह रहे बाहरी राज्यों के लोगों की जांच की मांग की और वक्फ बोर्ड की कार्यप्रणाली के खिलाफ आवाज उठाई।
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समिति ने वक्फ बोर्ड पर भू माफिया के तौर पर काम करने का आरोप लगाते हुए इसे तुरंत भंग करने की मांग उठाई। समिति ने कहा कि वक्फ बोर्ड की आड़ में विशेष समुदाय सरकारी जमीन पर लगातार कब्जे कर रहा है। लोगों ने विश्रामगृह से लेकर एसडीएम कार्यालय तक रैली निकाली और एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को ज्ञापन भी भेजा।
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नशे को दे रहे बढ़ावा
देव भूमि संघर्ष समिति ने सीएम को भेजे ज्ञापन में यह भी कहा है कि बाहरी लोग क्षेत्र के भीतर नशे को भी बढ़ावा दे रहे हैं और यहां के भोले भाले लाेगों को नशे के जाल में फंसा रहे हैं। वहीं, मुस्लिम समुदाय के लोग यहां की लड़की को बहला फुसलाकर उत्तरप्रदेश ले गए। इससे यहां की बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं हैं।
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गाताधार में 14 बीघा जमीन खरीदी, मालिक को बनाया नौकर
देवभूमि संघर्ष समिति के अध्यक्ष ओम प्रकाश और उपाध्यक्ष विनोद नेगी ने कहा कि शिलाई क्षेत्र में विशेष समुदाय के लोगों ने जमीन खरीदी है। गाताधार में 14 बीघा जमीन खरीदने का मामला सामने आया है और जमीन का मालिक अब उनके पास नौकर बन गया है। द्राबिल पंचायत में भी 22 लोगों ने जमीनों की पावर आफ अटॉर्नी ग्रामीणों से ली हुई है। दूसरे राज्यों से आकर यहां पहचान छिपाकर रह रहे विशेष समुदाय के लोगों से प्रदेश की शांति को खतरा पैदा हो गया है। दो दशकों से हिमाचल की जनसांख्यिकी को बदलने के लिए षड्यंत्र रचा जा रहा है। बाहरी राज्यों के लोग संगठित होकर माफिया के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग कि अवैध रूप से बनी मस्जिदों और मजारों को हटाने के लिए तुरंत कार्रवाई की जाए। वहीं, जिले में पहुंच रहे बांग्लादेश के घुसपैठियों की भी जांच की जाए।
जांच में सही मिले सभी 75 प्रवासियों के आधार कार्ड
कोटखाई क्षेत्र में मिले प्रवासियों के एक ही जन्मतिथि वाले आधार कार्ड जांच में सही पाए गए हैं। पुलिस के अनुसार सभी 75 प्रवासियों के आधार कार्ड जांच में सही मिले हैं। मामले को लेकर व्यापार मंडल गुम्मा की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई थी। आरोप था कि क्षेत्र में रह रहे कुछ प्रवासी लोगों के आधार कार्ड सही नहीं हैं। ये लोग फर्जी आधार कार्ड बनाकर रह रहे हैं। सभी के आधार कार्ड में जन्मतिथि एक जैसी है।
शिकायत के बाद जब पुलिस ने लोकमित्र केंद्रों में जाकर जांच की तो सभी आधार सही पाए गए। पुलिस के अनुसार आधार कार्ड में अंकित एक ही दिन की तिथि यूआईडीएआई की तकनीकी खराबी के कारण दर्ज हुई है। मामले में यूआईडीएआई से भी बात की गई है। अथाॅरिटी ने स्पष्ट किया कि साल 2010 में जब आधार कार्ड बनाना शुरू किया गया था तब जन्म प्रमाण पत्र को लेकर परेशानी रही थी। पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी ने कहा कि मामले की जांच की गई है। सभी के आधार कार्ड सही पाए गए हैं।
कोटखाई क्षेत्र में मिले प्रवासियों के एक ही जन्मतिथि वाले आधार कार्ड जांच में सही पाए गए हैं। पुलिस के अनुसार सभी 75 प्रवासियों के आधार कार्ड जांच में सही मिले हैं। मामले को लेकर व्यापार मंडल गुम्मा की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई थी। आरोप था कि क्षेत्र में रह रहे कुछ प्रवासी लोगों के आधार कार्ड सही नहीं हैं। ये लोग फर्जी आधार कार्ड बनाकर रह रहे हैं। सभी के आधार कार्ड में जन्मतिथि एक जैसी है।
शिकायत के बाद जब पुलिस ने लोकमित्र केंद्रों में जाकर जांच की तो सभी आधार सही पाए गए। पुलिस के अनुसार आधार कार्ड में अंकित एक ही दिन की तिथि यूआईडीएआई की तकनीकी खराबी के कारण दर्ज हुई है। मामले में यूआईडीएआई से भी बात की गई है। अथाॅरिटी ने स्पष्ट किया कि साल 2010 में जब आधार कार्ड बनाना शुरू किया गया था तब जन्म प्रमाण पत्र को लेकर परेशानी रही थी। पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी ने कहा कि मामले की जांच की गई है। सभी के आधार कार्ड सही पाए गए हैं।