Himachal Pradesh: विधवा, दिव्यांग और बीमार शिक्षकों को युक्तिकरण में मिलेगी राहत, नहीं भेजे जाएंगे ज्यादा दूर
हिमाचल के सरकारी स्कूलों में कार्यरत विधवा, दिव्यांग और बीमार शिक्षकों को पूर्व स्कूल से अधिक दूरी पर नहीं भेजा जाएगा। पढ़ें पूरी खबर...
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हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत विधवा, दिव्यांग और बीमार शिक्षकों को युक्तिकरण में राहत मिलेगी। मानवीय दृष्टिकोण के चलते इन शिक्षकों को पूर्व स्कूल से अधिक दूरी पर नहीं भेजा जाएगा। अन्य सरप्लस शिक्षकों की दूरदराज के स्कूलों में तैनाती होगी। पांच और छह मई को शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने सभी जिला उपनिदेशकों की बैठक बुलाई है। लंबे समय से एक स्थान पर डटे शिक्षकों और छात्रों की कम संख्या वाले स्कूलों का रिकॉर्ड तलब किया गया है। इन आंकड़ों के आधार पर सरप्लस शिक्षकों का युक्तिकरण किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि स्कूलों में युक्तिकरण करने का सरकार ने फैसला लिया है। ऐसे कई स्कूल चिह्नित किए गए हैं, जहां विद्यार्थियों के अनुपात में शिक्षकों की संख्या बहुत अधिक है। इसके अलावा लंबे समय से एक ही स्कूल में डटे शिक्षकों को भी बदला जाना है। विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से शिक्षकों की नियुक्तियां की जाएंगी। उन्होंने कहा कि युक्तिकरण के आदेश जारी होने के बाद उनमें बदलाव नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री सुक्खू की ओर से इस बाबत स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि मानवीय दृष्टिकोण के चलते कुछ वर्गों को युक्तिकरण के तहत राहत देने का फैसला भी लिया है। पांच और छह मई को जिला उपनिदेशकों के साथ बैठक कर युक्तिकरण को फाइनल कर दिया जाएगा।
प्रदेश में कम छात्र संख्या वाले स्कूल मर्ज किए जाएंगे। लड़के और लड़कियों के छठी से बारहवीं कक्षा वाले जिन स्कूलों में कुल संख्या 500 होगी, उन्हें मर्ज कर एक स्कूल बनाया जाएगा। इन स्कूलों को मर्ज करने के लिए स्थानीय जन प्रतिनिधियों की राय भी ली जाएगी। इसके अलावा जमा एक और जमा दो कक्षा वाले जिन लड़के और लड़कियों वाले स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम होगी, उन्हें भी मर्ज किया जाएगा।
कॉलेज मर्ज और बंद करने का फैसला जून में
विद्यार्थियों की कम संख्या वाले कॉलेजों को मर्ज या बंद करने का फैसला जून में होगा। मई में कॉलेजों की दाखिलों की प्रक्रिया चलनी है। इन दाखिलों के आधार पर कॉलेजों को लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा। विभागीय अधिकारियों ने बताया ऐसे कॉलेजों को बंद कर दिया जाएगा जहां बीते कुछ शैक्षणिक सत्रों से दाखिलों में निरंतर कम दर्ज हो रही है। ऐसे कॉलेजों में नियुक्त शिक्षकों और गैर शिक्षकों को अन्य कॉलेजों में शिफ्ट किया जाएगा।