Himachal Water Scam: शिकंजा कसा तो निलंबित अफसर बोले, बाबू ने गलती से लिख दिए बाइक, कारों के नंबर
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिला के ठियोग में पीने के पानी की आपूर्ति को लेकर हुए कथित घोटाले में विजिलेंस ने निलंबित चल रहे अफसरों से सात घंटे तक पूछताछ की। अफसर अपनी डायरी लेकर पहुंचे थे। उन्होंने अपने बयान में कहा है कि पानी की नियमित सप्लाई हुई है। एंट्री गलत हुई है।
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शिमला के ठियोग विधानसभा क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति के गड़बड़झाला में विजिलेंस ने निलंबित चल रहे अफसरों से सात घंटे तक पूछताछ की। इसमें सहायक अभियंता और जूनियर इंजीनियर के बयान दर्ज किए गए। मामले में लगातार शिकंजा कसने पर अफसरों के बोल बदलने लगे हैं। पूछताछ में इन्होंने कहा कि एंट्री के समय कार्यालय के बाबू ने गलती से टैंकर की जगह मोटरसाइकिल और कारों के नंबर लिख दिए। अफसर अपनी डायरी लेकर पहुंचे थे। उन्होंने अपने बयान में कहा है कि पानी की नियमित सप्लाई हुई है। एंट्री गलत हुई है। पहले विजिलेंस टीम ने एक-एक करके इंजीनियरों से बात की, उसके बाद सबको एक साथ बुलाया। यह पूछताछ विजिलेंस कार्यालय के हाल में की गई। विजिलेंस जांच टीम ने बुधवार को जल शक्ति विभाग और एसडीएम कार्यालय से जुटाए गए रिकॉर्ड का अकाउंट डाटा भी वेरिफाई किया है। ठेकेदार और इंजीनियरों के खातों की भी पड़ताल की गई।
सूत्रों के अनुसार वीरवार को विजिलेंस की टीम ठियोग जाएगी। इस दौरान निलंबित इंजीनियरों, ठेकेदारों और चालकों को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। घोटाले की तह तक जाने के लिए विजिलेंस ने मामले से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड कब्जे में ले लिया है। हर पहलू की गंभीरता से पड़ताल कर रही है। इस मामले में किन-किन की संलिप्तता रही है, उससे संबंधित पूरे साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि गड़बड़झाले सामने आने के बाद जल शक्ति विभाग के 10 अफसरों को निलंबित कर दिया गया है। इनमें 2 अधिशासी, 3 सहायक, 4 कनिष्ठ और एक सेवानिवृत्त कनिष्ठ अभियंता शामिल है। इनमें से एक की मृत्यु हो चुकी है। सरकार ने मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए जांच विजिलेंस को सौंपी है।
क्या है मामला
ठियोग उपमंडल में पिछले वर्ष फरवरी से जून के दौरान सूखे के चलते पानी की आपूर्ति टैंकरों से करने का काम ठेके पर दिया गया। आरोप है कि कई जगह पानी की आपूर्ति ही नहीं हुई और भुगतान कर दिया। आरोप यह भी है कि पेयजल आपूर्ति करने वाले टैंकरों के जो नंबर दिए गए। वह मोटरसाइकिल और कारों के हैं।