फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal Sukhu arrives in New Delhi will meet Sitharaman and Panagariya

Himachal: नई दिल्ली पहुंचे सुक्खू, सीतारमण और पनगढ़िया से करेंगे मुलाकात; अतिरिक्त वित्तीय मदद की करेंगे मांग

Wed, 29 Oct 2025 04:00 AM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Wed, 29 Oct 2025 04:00 AM IST
सार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू बुधवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया से मुलाकात कर सकते हैं। पढ़ें पूरी खबर...

विज्ञापन
Himachal Sukhu arrives in New Delhi will meet Sitharaman and Panagariya
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू (फाइल फोटो)। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू मंगलवार शाम नई दिल्ली पहुंच गए। वह बुधवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया से मुलाकात कर सकते हैं। इन मुलाकातों को राज्य की वित्तीय स्थिति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री का मुख्य एजेंडा राज्य के लिए ऋण सीमा बढ़ाने, जीएसटी व्यवस्था के कारण हो रहे राजस्व नुकसान की भरपाई और वित्तीय सहायता से जुड़े मुद्दों पर केंद्र का ध्यान आकर्षित करना होगा।

विज्ञापन


यदि केंद्र सरकार हिमाचल की ऋण सीमा बढ़ाने और जीएसटी से हुए नुकसान की भरपाई के लिए कोई राहत देती है, तो इससे राज्य को राहत मिलेगी और कई लंबित योजनाओं को गति मिल सकेगी। मुख्यमंत्री केंद्र सरकार को बताएंगे कि हिमाचल जैसे पर्वतीय राज्य के लिए जीएसटी प्रणाली के लागू होने के बाद वित्तीय नुकसान हुआ है। पहले राज्य को अपने करों के माध्यम से जो आय प्राप्त होती थी, वह अब केंद्र के हिस्से में चली गई है। इससे प्रदेश के राजस्व स्रोत सीमित हो गए हैं। राज्य सरकार ने पिछले दो वर्षों में कई विकासात्मक और सामाजिक कल्याण योजनाएं शुरू की हैं, लेकिन सीमित वित्तीय संसाधनों के कारण इन योजनाओं को आगे बढ़ाने में कठिनाई हो रही है।

विज्ञापन

मुख्यमंत्री केंद्र से यह भी आग्रह करेंगे कि प्रदेश को ऋण लेने की अतिरिक्त सीमा दी जाए। वर्तमान में वित्तीय अनुशासन की नीति के तहत राज्यों को सकल घरेलू उत्पाद के 3 प्रतिशत तक ही ऋण लेने की अनुमति है। हिमाचल सरकार चाहती है कि इस सीमा को अस्थायी रूप से बढ़ाकर कम से कम 4 प्रतिशत किया जाए। मुख्यमंत्री स्पष्ट कर चुके हैं कि हिमाचल में सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सेवाओं की लागत मैदानी राज्यों की तुलना में कई गुना अधिक है। ऐसे में केंद्र को विशेष राज्य के तौर पर हिमाचल की जरूरतों को समझते हुए अतिरिक्त वित्तीय सहायता देनी चाहिए। मुख्यमंत्री अरविंद पनगढ़िया के साथ बैठक में यह मुद्दा भी उठाएंगे कि 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों में हिमाचल जैसे पर्वतीय और सीमांत राज्यों की विशिष्ट समस्याओं को प्राथमिकता दी जाए। सरकार का तर्क है कि प्राकृतिक आपदाओं, भौगोलिक चुनौतियों और सीमित औद्योगिक अवसरों को देखते हुए हिमाचल को अधिक केंद्रीय हिस्सेदारी और विशेष अनुदान मिलना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed