Himachal News : केंद्रीय टीम से बोले सोलंगनाला के लोग, धंस रहा है गांव, बेघर होने का खतरा; सुनाई समस्याएं
कुल्लू में अंतर मंत्रालयी केंद्रीय टीम ने नुकसान का जायजा लिया और टीम ने आपदा में प्रभावित ग्रामीणों से भी बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। पढ़ें पूरी खबर...
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कुल्लू जिले में बाढ़, बादल फटने और भूस्खलन से हुए नुकसान का अंतर मंत्रालयी केंद्रीय टीम जायजा लिया। टीम से सोलंगनाला पंचायत के लोग प्रधान कौशल्या देवी की अगुवाई में मिले। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनका गांव लगातार धंस रहा है। इस कारण उन्हें बेघर होने का खतरा सता रहा है। टीम ने आपदा में प्रभावित ग्रामीणों से भी बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं।
सोमवार को टीम ने सोलंग गांव, बाहंग, ओल्ड मनाली स्थित मनालसु नाला, अलेउ, ग्रीन टैक्स बैरियर के नजदीक उप सब्जी मंडी चौरीबिहाल, आलू ग्राउंड, पतलीकूहल, छरुडू, लंकाबेकर, इनर अखाड़ा बाजार और सूम्मा में नुकसान का जायजा लिया। केंद्र सरकार ने कुल्लू और चंबा में मानसून हुए नुकसान का जायजा लेने तथा आकलन करने के लिए दो टीमें प्रदेश के दौरे पर भेजी हैं। टीम-ए जिला चंबा और कांगड़ा के प्रवास पर है।
टीम-बी ने सोमवार को जिला कुल्लू के मनाली क्षेत्र में सड़कों, पुलों, स्वास्थ्य संस्थानों, शिक्षण संस्थानों, बिजली और पानी की योजनाओं का निरीक्षण किया। केंद्रीय टीम में गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव पार्थसारथी, केंद्रीय जल निगम (जल शक्ति मंत्रालय) के निदेशक वसीम अशरफ, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के मुख्य अभियंता अनिल कुमार कुशवाहा, प्रदेश सरकार की ओर से संयुक्त सचिव निशांत ठाकुर, एचआरटीसी कार्यकारी निदेशक मुरारी लाल, टीसीबी स्पेशलिस्ट डॉ. कृष्ण चंद शामिल रहे।
उपायुक्त कुल्लू तोरुल रवीश ने कहा कि भारी बारिश और बाढ़ से सैकड़ों परिवार प्रभावित हुए हैं। सड़क मार्ग, बिजली-पानी की सप्लाई, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और कृषि-बागवानी को भारी नुकसान पहुंचा है। अंतर मंत्रालयी केंद्रीय टीम (आईएमसीटी) के अध्यक्ष एवं केंद्रीय गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव के पार्थसारथी ने कहा कि जिला प्रशासन ने भी मानसून सीजन में नुकसान की रिपोर्ट प्रस्तुत की है। दोनों टीमें नुकसान का जायजा लेकर इसका आकलन कर रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेंगी।