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Himachal News: सवा माह बाद शिंकुला दर्रा बहाल, पर्यटन को लगेंगे पंख; बीआरओ ने दर्रे से हटाई 15 से 20 फीट बर्फ
Thu, 03 Apr 2025 07:01 PM IST
अंकेश डोगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, केलांग (लाहौल-स्पीति)।
संवाद न्यूज एजेंसी, केलांग (लाहौल-स्पीति)।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Thu, 03 Apr 2025 07:01 PM IST
सार
एक माह 11 दिन बाद मनाली को लेह-लद्दाख की जांस्कर घाटी से जोड़ने वाला शिंकुला दर्रा बहाल हो गया है। हालांकि यह मार्ग अभी वाहनों के लिए आधिकारिक तौर पर नहीं खुला है। पढ़ें पूरी खबर...
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शिंकुला दर्रा बहाल करने में जुटी मशीनरी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
मनाली को लेह-लद्दाख की जांस्कर घाटी से जोड़ने वाला शिंकुला दर्रा बहाल हो गया है, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। समुद्रतल से 16,580 फीट की ऊंचाई पर स्थित शिंकुला दर्रा से होकर गुजरने वाली दारचा-पदम-नीमू सड़क से सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने बर्फ को हटा दिया है। हालांकि यह मार्ग अभी वाहनों के लिए आधिकारिक तौर पर नहीं खुला है। बताया जा रहा है कि बीआरओ इसी सप्ताह दारचा-शिंकुला दर्रा से होकर लेह के लिए वाहनों को हरी झंडी दे सकता है।
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बर्फबारी के कारण 20 फरवरी को शिंकुला दर्रा से वाहनों की आवाजाही बंद हो गई थी। लेकिन बीआरओ ने इससे पहले ही शिंकुला दर्रा को आधिकारिक तौर पर ट्रैफिक के लिए दर्रा बंद कर दिया था। अब ठीक एक माह 11 दिन बाद इस माह को फिर बहाल कर दिया गया है। सरचू होकर मनाली-लेह सड़क के बजाय फिलहाल पर्यटक अब वाया जांस्कर होकर लेह पहुंच सकेंगे। शिंकुला दर्रा बहाल होने के साथ लेह, जांस्कर के साथ लाहौल में भी पर्यटन कारोबार ने तेजी आएगी। दरअसल, लद्दाख की तरफ निकलने वाले अधिकतर सैलानी एक दिन लाहौल के केलांग और जिस्पा ठहरते हैं। इससे घाटी में पर्यटन कारोबार को गति मिलती है।
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बारालाचा होकर मनाली लेह सड़क खुलने में लगेगा समय
दारचा-बारालाचा-सरचू होकर मनाली-लेह सामरिक सड़क खुलने में अभी समय लगेगा। लिहाजा, अब सैलानी लद्दाख की तरफ जाने के लिए दारचा-पदम-नीमू सड़क मार्ग से लेह का रुख करेंगे। पर्यटन कारोबारियों को उम्मीद है कि शिंकुला दर्रा खुलने के बाद लाहौल में भी पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी। पर्यटन कारोबारी रिंचेन, दोरजे, टशी, तेंजिन, छेरिंग अंगचु ने कहा कि जो पर्यटक लद्दाख की तरफ निकलेंगे, उनमें अधिकांश एक दिन लाहौल में ठहरते हैं।
बीआरओ के एक अधिकारी ने बताया कि शिंकुला दर्रा से बर्फ हटा लिया गया है। लेकिन अभी वाहनों की आवाजाही शुरू नहीं हुई है। योजक परियोजना से अनुमति मिलने के बाद जल्द ही आधिकारिक तौर पर शिंकुला दर्रा को वाहनों के लिए खोला जाएगा।
दारचा-बारालाचा-सरचू होकर मनाली-लेह सामरिक सड़क खुलने में अभी समय लगेगा। लिहाजा, अब सैलानी लद्दाख की तरफ जाने के लिए दारचा-पदम-नीमू सड़क मार्ग से लेह का रुख करेंगे। पर्यटन कारोबारियों को उम्मीद है कि शिंकुला दर्रा खुलने के बाद लाहौल में भी पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी। पर्यटन कारोबारी रिंचेन, दोरजे, टशी, तेंजिन, छेरिंग अंगचु ने कहा कि जो पर्यटक लद्दाख की तरफ निकलेंगे, उनमें अधिकांश एक दिन लाहौल में ठहरते हैं।
बीआरओ के एक अधिकारी ने बताया कि शिंकुला दर्रा से बर्फ हटा लिया गया है। लेकिन अभी वाहनों की आवाजाही शुरू नहीं हुई है। योजक परियोजना से अनुमति मिलने के बाद जल्द ही आधिकारिक तौर पर शिंकुला दर्रा को वाहनों के लिए खोला जाएगा।